Mallikarjun Kharge: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार दोपहर विपक्षी सांसदों की लंच बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शामिल सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का समय मांगने वाली चिट्ठी पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके जरिए विपक्ष औपचारिक रूप से चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्तियां और सवाल रखने की कोशिश करेगा। 6 अक्टूबर के मार्च के बाद नई रणनीति यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब 6 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला था। विपक्षी नेता निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे जाने से रोक दिया। मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने SIR को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया था। करीब 300 सांसदों के दावे पर विवाद मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे और उन्हें अपनी चिंताओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। चुनाव आयोग ने क्या कहा? विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग के मुताबिक, शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने आधिकारिक तौर पर मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग ने बताया कि करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने उसे जानकारी दी कि राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहता है और संसद भवन एनेक्सी में ज्ञापन सौंपना चाहता है। चुनाव आयोग ने प्रस्तावित जगह और मुलाकात के तरीके को तय प्रक्रिया से अलग बताया। आयोग के अनुसार, राजनीतिक दलों और प्रतिनिधिमंडलों से मिलने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल है। ज्ञापन लेने अधिकारी भेजने की पेशकश आयोग ने कहा कि उसने विपक्षी सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए अपने वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब खरगे की लंच बैठक पर सबकी नजर है। बैठक के बाद सांसदों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी चुनाव आयोग को भेजी जाती है या विपक्ष कोई और कदम उठाता है, यह अगले चरण की सियासी रणनीति तय करेगा। ये भी पढ़ें: आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने के आरोप में राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR दर्ज