Narottam Mishra: मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि दतिया-झांसी हाईवे पर लंबा जाम लग गया और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। नाराज समर्थकों का सड़क पर बवाल टिकट कटने से नाराज समर्थकों ने शुक्रवार को हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए, जिससे करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और टिकट वापस लेने की मांग की। विरोध के बीच भाजपा दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने की चेतावनी भी दी। समर्थक रातभर नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में नारे लगाते रहे और मांग की कि पार्टी अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की अपील पूरे मामले पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और कार्यकर्ताओं को अपनी नाराजगी उचित तरीके से जाहिर करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए उन वीडियो का जिक्र किया, जिनमें कुछ लोग कथित तौर पर पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने जैसी गतिविधियां करते नजर आए। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी तरह का ऐसा कदम न उठाएं और सड़क या रास्ते को बाधित न करें। उन्होंने कहा कि पार्टी में अपनी बात रखने के लिए तय प्रक्रिया और मंच मौजूद हैं, इसलिए विरोध भी उसी तरीके से किया जाना चाहिए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में बढ़ा तनाव शनिवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ जाम खुलवाने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, हालांकि प्रशासन ने इससे इनकार किया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। ये भी पढ़ें: वाराणसी में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, 250 युवक-युवतियों को पुलिस ने कराया मुक्त