Khan Sir Bail News: चर्चित कोचिंग विवाद मामले में मशहूर शिक्षक खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों (बॉडीगार्ड्स) को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के साथ ही गिरफ्तारी की आशंका फिलहाल टल गई है और तीनों को बड़ी राहत मिली है। क्या था पूरा मामला यह मामला जून की शुरुआत में सामने आई उस घटना से जुड़ा है, जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर खान सर के कोचिंग संस्थान में हंगामा और तोड़फोड़ की थी। आरोप है कि विवाद के दौरान फायरिंग भी हुई, जिसमें उनके सुरक्षा कर्मियों की भूमिका को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसी प्रकरण में खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स को सह-आरोपी बनाया गया था। कई दिनों से चल रही थी कानूनी लड़ाई मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते खान सर और अन्य आरोपियों ने अदालत का रुख किया था। उनकी ओर से अग्रिम जमानत की मांग की गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आदेश सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी थी। सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत के इस आदेश के बाद तीनों को तत्काल राहत मिल गई। पहले टल गया था फैसला पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश तत्काल जारी नहीं किया था। खान सर के वकील अरविंद कुमार मौआर ने बताया था कि जिला जज अवकाश पर होने के कारण फैसला उस दिन नहीं सुनाया जा सका और सुनवाई की अगली तारीख तय की गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अंतिम आदेश आने तक अदालत की ओर से मिली अंतरिम सुरक्षा प्रभावी रहेगी, जिससे खान सर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। अन्य कर्मचारियों की याचिकाओं पर भी सुनवाई इस मामले में केवल खान सर ही नहीं, बल्कि उनके दो सुरक्षा गार्डों और कोचिंग संस्थान के तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई थी। अदालत ने इन कर्मचारियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई की थी। हालांकि फिलहाल सबसे बड़ी राहत खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्ड्स को मिली है। मामले की जांच जारी कोर्ट के इस फैसले से गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल टल गया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने और अदालत में आगे की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे विवाद में किसकी क्या भूमिका थी। फिलहाल पटना सिविल कोर्ट के फैसले ने इस चर्चित मामले में नया मोड़ ला दिया है। ये भी पढ़ें: टिकट विवाद के बाद नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान, दतिया में सड़क पर उतरे समर्थक