Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं के भाव में तेज गिरावट आई है। अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक बाजारों में बदलते हालात का असर कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या कीमतें अभी और नीचे जा सकती हैं? एक हफ्ते में सोना-चांदी में बड़ी गिरावट इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, इस सप्ताह 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 2,976 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट के बाद सोने का भाव लगभग 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले पिछले सप्ताह सोना करीब 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी दबाव देखने को मिला। एक सप्ताह में चांदी करीब 13,468 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 2.20 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास आ गई। इससे पहले चांदी 2.34 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सोने-चांदी में गिरावट आई है। जून महीने में भी सोने में करीब 15 हजार रुपये और चांदी में लगभग 38 हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली थी। ऑल टाइम हाई से कितना टूटा सोना-चांदी? साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट आई और सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 33 हजार रुपये तक टूट चुका है। चांदी ने भी इस दौरान बड़ा उतार-चढ़ाव देखा। दिसंबर 2025 के अंत में चांदी करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो जनवरी में बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। हालांकि, अब यह अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 1.66 लाख रुपये तक गिर चुकी है। लंबी अवधि में सोने पर भरोसा बरकरार मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही फिलहाल सोने पर दबाव बना हुआ है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी मांग मजबूत बनी रह सकती है। केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी तनाव, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की ओर से बढ़ती सोने की खरीदारी इसकी कीमतों को सपोर्ट कर सकती है।इतिहास भी बताता है कि आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई के दौर में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। अगले 3 महीने में कहां पहुंच सकता है सोना? केडिया एडवाइजरी के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अमित गुप्ता के अनुसार, अगले तीन महीनों में एमसीएक्स गोल्ड को करीब 1,35,000 रुपये के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल सकता है। अगर बाजार में तेजी लौटती है तो सोने की कीमत दोबारा 1,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है। निवेशकों के लिए गिरावट बना मौका विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट उन निवेशकों के लिए अवसर हो सकती है, जो ऊंची कीमतों के कारण बाजार में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। हालांकि, एक साथ बड़ी रकम निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी यानी "बाय ऑन डिप्स" रणनीति अपनाकर बाजार में एंट्री कर सकते हैं। आने वाले महीनों में वैश्विक घटनाक्रम और महंगाई के आंकड़े सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ये भी पढ़ें: सेंसेक्स और निफ्टी में तेज़ी जारी: PSU बैंकों, रियल्टी और IT सेक्टर की अगुवाई में बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज़्यादा चढ़े।