INDIA Bloc's Press Conference: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं, सांसदों और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और SIR को कथित तौर पर वोट चोरी से जोड़ते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष मुखर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक अपने स्तर पर विरोध के लिए एकजुट हुए हैं। खड़गे ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को जनता के सामने उठाता रहेगा। तेजस्वी यादव ने मोदी-शाह पर लगाए आरोप आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट है और अपना संघर्ष जारी रखेगा। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश हो रही है। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं; इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। सुप्रिया सुले बोलीं- आंदोलन जारी रहेगा NCP (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि INDIA ब्लॉक एकजुट है और संविधान के तहत नागरिकों को मिले अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का आंदोलन दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और चुनाव आयोग की व्यवस्था में बदलाव नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद दाखिल हुई याचिका सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सौगत रॉय, संजय राउत, एमए बेबी, डी. राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं। याचिका में मांग की गई है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। इसके लिए सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। याचिका में 14 खामियां, रजिस्ट्री ने मांगा स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं। इनमें दस्तावेजों से जुड़ी कमियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाने के आधार पर स्पष्टीकरण मांगना शामिल है। यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका के संदर्भ में उठाई गई है। रजिस्ट्री की आपत्तियों का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने याचिका के आरोपों पर कोई फैसला सुना दिया है। आगे की सुनवाई के लिए इन कमियों को दूर करना जरूरी होगा। अब आगे क्या? राहुल गांधी ने हाई-टी बैठक के बाद मीडिया के सामने विपक्ष की संयुक्त रणनीति रखने की बात कही थी। INDIA ब्लॉक के नेता SIR, कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने पर जोर दे रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष आगे विरोध प्रदर्शन को किस रूप में आगे बढ़ाता है और सुप्रीम कोर्ट में याचिका की आपत्तियां दूर होने के बाद सुनवाई कब होती है। ये भी पढ़ें: लद्दाख पर चीन की आपत्ति, भारत का दो टूक जवाब- किसी के इनकार से नहीं बदलेगी सच्चाई!