Etawah Police Action: उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह 500 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। आरोपियों पर ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए कम समय में पैसा कई गुना करने का लालच देकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अंबेडकर चौराहे के पास घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना और सर्विलांस की मदद से अंबेडकर चौराहा ओवरब्रिज के नीचे संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशुल उर्फ अंशु तिवारी निवासी इटावा, रॉकी राणावत निवासी इटावा, अंकित मिश्रा उर्फ राहुल निवासी इटावा और मोहित उर्फ रोहित यादव निवासी औरैया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार दूसरे राज्यों तक जुड़े होने की आशंका के मद्देनजर मामले की जांच की जा रही है। MY 11 ऐप से कैसे चल रहा था ठगी का खेल? पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर MY 11 ऐप के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का लालच देते थे। लोगों को कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर रकम जमा कराई जाती थी। इसके बाद हार-जीत के खेल में लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाकर ठगी की जाती थी।पुलिस के अनुसार, गिरोह आम नागरिकों और युवाओं को मामूली कमीशन देने का लालच देकर उनके फोटो, आधार कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाने में किया जाता था। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे भेजने के लिए किया जाता है। इसके बाद फर्जी पहचान से सिम कार्ड जारी कराकर उन्हें बैंक खातों से जोड़ा जाता था। ठगी की रकम खातों में आने के बाद एटीएम या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए निकाल ली जाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने इस कमाई से लग्जरी गाड़ियां और दूसरी संपत्तियां भी खरीदी थीं। मोबाइल, एटीएम कार्ड और लग्जरी गाड़ियां बरामद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। इसमें शामिल हैं: 16 एंड्रॉइड मोबाइल फोन विभिन्न बैंकों के 42 एटीएम और डेबिट कार्ड छह सक्रिय सिम कार्ड एक लैपटॉप कई बैंक पासबुक और चेकबुक फर्जी पहचान पत्र लेन-देन का हिसाब रखने वाले तीन रजिस्टर एक महिंद्रा थार और एक स्कॉर्पियो पुलिस इन उपकरणों, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि कथित ठगी के नेटवर्क और लेन-देन से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा सकें। लालच में साझा न करें बैंक डिटेल इस कार्रवाई के बाद इटावा के एसएसपी ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कम समय में पैसा कई गुना करने वाली योजनाओं से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए न दें और न ही ओटीपी, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड या अन्य निजी दस्तावेज साझा करें। साइबर ठगी से रहें सतर्क अगर कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। समय रहते शिकायत करने से संदिग्ध लेन-देन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए गिरोह के नेटवर्क तथा कथित ठगी की रकम से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने में जुटी है। ये भी पढ़ें: नीला ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुस्कान और साहिल को फांसी, सजा सुनते ही दोनों के छलके आंसू