उत्तर प्रदेशनोएडा

ट्रक में बना रखा था गुप्त तहखाना! ग्रेटर नोएडा में 1 करोड़ का गांजा बरामद, गैंग सरगना समेत 3 गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रक की गुप्त कैविटी से 165.7 किलो गांजा बरामद, कीमत करीब एक करोड़ रुपये।

Noida Drug Bust: ग्रेटर नोएडा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बादलपुर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह गांजे की खेप ओडिशा के भुवनेश्वर से ट्रक के जरिए दिल्ली-NCR तक पहुंचाता था। तस्करी के लिए ट्रक में विशेष रूप से गुप्त जगह बनाई गई थी, ताकि पुलिस की जांच से बचा जा सके।

कूड़ी खेड़ा मोड़ पर घेराबंदी

पुलिस को स्थानीय खुफिया जानकारी और गोपनीय सूचना के आधार पर तस्करों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद थाना बादलपुर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने दादरी से लालकुआं जाने वाली सड़क पर कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास घेराबंदी की। संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश पुत्र जय नाथ पाल, समीर कुमार पुत्र केशो मंडल और रवि कुमार साहनी पुत्र मनोज साहनी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दिनेश पाल इस गिरोह का सरगना है।

ट्रक की गुप्त कैविटी में छिपाकर लाते थे गांजा

पुलिस की जांच में तस्करी के तरीके को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। आरोप है कि रवि कुमार साहनी ओडिशा के भुवनेश्वर से ट्रक में गांजे की खेप लेकर आता था। ट्रक में एक विशेष गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें गांजा छिपाकर ले जाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सरगना दिनेश पाल ने करीब दो महीने पहले ट्रक में यह गुप्त जगह बनवाई थी। इसका उद्देश्य पुलिस चेकिंग के दौरान नशीले पदार्थों को छिपाकर तस्करी को अंजाम देना था।

भुवनेश्वर से गांजा लाने के बाद दिनेश पाल और समीर कुमार कथित तौर पर दिल्ली-NCR में इसकी थोक और फुटकर बिक्री करते थे। इस नेटवर्क के जरिए अवैध मुनाफा कमाया जाता था।

सरगना पहले भी जा चुका है जेल

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सरगना दिनेश पाल का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2021 में ढाई क्विंटल गांजे की बरामदगी से जुड़े एक मामले में वह करीब 15 महीने जेल में रह चुका है। इसके बावजूद उसके दोबारा तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय होने का आरोप है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, गांजे की सप्लाई के स्रोत और दिल्ली-NCR में इसके खरीदारों का पता लगाने में जुटी है।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

इस कार्रवाई में 165 किलो 700 ग्राम गांजे की बरामदगी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी।

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