नोएडा

बस अब 3–4 महीने का इंतजार! बन के तैयार हो जाएगा नोएडा सेक्टर-51 स्काईवॉक का ये नया रूट, 2023 में शुरू हुआ था काम

ह स्काईवॉक जून 2023 में शुरू हुआ था और करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन खराब प्लानिंग के चलते इसे दोनों मेट्रो स्टेशनों से जोड़ा ही नहीं जा सका। सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन की तरफ बीच में बनी बीम सबसे बड़ी समस्या बन गई। जिससे स्काईवॉक का सीधा कनेक्शन बीम की बजह से असंभव हो गया।

Reported by Tanushka Tangar and edited by Tanushka Tangar

नोएडा के सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन के बीच बना स्काईवॉक पिछले करीब तीन साल से तैयार होने के बावजूद चालू नहीं हो सका। अब इस अटके हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने नया रूट अपनाते हुए कनेक्टिविटी का काम शुरू कर दिया है।

यह स्काईवॉक जून 2023 में शुरू हुआ था और करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन खराब प्लानिंग के चलते इसे दोनों मेट्रो स्टेशनों से जोड़ा ही नहीं जा सका। सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन की तरफ बीच में बनी बीम सबसे बड़ी समस्या बन गई। जिससे स्काईवॉक का सीधा कनेक्शन बीम की बजह से असंभव हो गया। पहले इस बीम को हटाने पर विचार हुआ और इसके लिए IIT से सेफ्टी रिपोर्ट लेने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन अब अथॉरिटी ने रूट बदलने का फैसला लिया है। नए प्लान के तहत स्काईवॉक को डायवर्ट करते हुए दोनों तरफ करीब 50-50 मीटर बढ़ाया जा रहा है।

अब सेक्टर-51 की तरफ बीम वाली दीवार से पहले लेफ्ट लेकर स्काईवॉक को टिकट काउंटर के पास से जोड़ा जाएगा, जबकि सेक्टर-52 की तरफ भी इसी तरह बदलाव किया जा रहा है। इस बदलाव के चलते स्काईवॉक की कुल लंबाई 420 मीटर से बढ़कर करीब 520 मीटर हो जाएगी।फिलहाल साइट पर काम शुरू कर दिया गया है और तीन तरफ से बैरिकेडिंग भी कर दी गई है।

जिस स्काईवॉक को बनाने में करोड़ों रुपये खर्च हुए उसमे अब अधिकारियों के मुताबिक, इस नए कनेक्शन में करीब 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा और काम पूरा होने में 3 से 4 महीने का समय लगेगा।तब तक यात्रियों को मेट्रो स्टेशन के बीच आने-जाने के लिए मेन रोड का ही सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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