Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को नोटिस जारी करते हुए हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर 7 दिसंबर 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस रिपोर्ट में हादसे की परिस्थितियों के साथ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभागों की भूमिका की भी जानकारी देने की उम्मीद है। 23 सितंबर की रात हुआ था हादसा यह हादसा 23 सितंबर की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में हुआ था। दिल्ली से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार यात्रियों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अब तक चालक और परिचालक समेत चार लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। हादसे की परिस्थितियों और बस संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच भी की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल इस मामले को लेकर दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बस में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता ने बस में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जांच की मांग की। साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया गया। 8 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई शिकायत पर सुनवाई के बाद आयोग ने गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी। अब आयोग के सामने पेश होने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बस में सुरक्षा मानकों का पालन कितना हुआ था, आग लगने की स्थिति में यात्रियों के लिए क्या इंतजाम मौजूद थे और हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है। ये भी पढ़ें: UPITS 4.0 में बड़ा कारोबारी उछाल! चार दिन में ₹5,500 करोड़ के समझौते, 35 हजार से ज्यादा B2B बैठकें