नोएडा की सड़कों पर उतरेंगी 50 ‘स्मार्ट’ बसें, ऑटो के धक्कों से मिलेगी आज़ादी
नोएडा अथॉरिटी और UPSRTC की बड़ी पहल,4 मुख्य रूटों पर 50 ई-बसें भरने वाली हैं उड़ान, जानें क्या होगा आपका सफर।

दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा की सड़कों पर बहुत जल्द एक बड़ा बदलाव दिखने वाला है। शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने हाथ मिलाया है। अगले महीने से शहर के चार महत्वपूर्ण रूटों पर 50 नई इलेक्ट्रिक बसें (E-Buses) उतरने जा रही हैं। यह कदम न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को भी आसान बनाएगा
इन चार रूटों पर होगा संचालन
अथॉरिटी ने उन रूटों को प्राथमिकता दी है जहाँ यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। ये बसें मुख्य रूप से बोटैनिकल गार्डन बस स्टैंड से अपनी यात्रा शुरू करेंगी। इसके बाद ये चार अलग-अलग दिशाओं में जाएंगी:
ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौड़ चौक और एक मूर्ति): यहाँ रहने वाले लाखों लोगों के लिए यह बस सेवा किसी वरदान से कम नहीं होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर): भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एयरपोर्ट रूट को भी इससे जोड़ा गया है।
सेक्टर 62: आईटी हब और शिक्षण संस्थानों की ओर जाने वालों के लिए यह रूट काफी अहम है।
इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए सेक्टर 90 में एक आधुनिक बस डिपो तैयार किया जा रहा है। इस डिपो में बसों के रखरखाव के अलावा 20 चार्जिंग पॉइंट्स, सर्विस स्टेशन और ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए विश्राम कक्ष की सुविधा होगी। वहीं, यात्रा के दौरान बसों की बैटरी खत्म होने की समस्या से बचने के लिए बोटैनिकल गार्डन पर ‘ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग’ स्टेशन लगाए जाएंगे, जिससे बसों को चलते सफर में ही अतिरिक्त चार्ज मिल सकेगा।
इस पूरी योजना में सबसे खास बात यह है कि बसों का संचालन UPSRTC करेगा और किराया भी परिवहन निगम के तय मानकों के अनुसार ही होगा। हालांकि, अगर टिकटों की कमाई और बसों को चलाने के खर्च के बीच कोई अंतर (Viability Gap) आता है, तो उसकी भरपाई नोएडा अथॉरिटी खुद करेगी। नोएडा के सीईओ लोकेश एम और अन्य अधिकारियों का मानना है कि इस सेवा से शहर में चल रहे अनधिकृत ऑटो और ई-रिक्शा के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
नोएडा में फिलहाल 12 लाख से ज्यादा पंजीकृत वाहन हैं, जिनमें निजी कारों और दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा है। सार्वजनिक परिवहन के इस नए विकल्प से सड़कों पर निजी वाहनों का बोझ कम होने की उम्मीद है।



