Swiss President's Visit to India: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन 3 दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंच गए हैं। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। इस यात्रा को भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री मोदी और स्विस राष्ट्रपति की होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर टिकी हैं, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। अजय टम्टा ने एयरपोर्ट पर की अगवानी स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन सोमवार को एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति परमेलिन और उनकी पत्नी कैरोलीन परमेलिन को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक सम्मान दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्विस राष्ट्रपति का भारत में स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह राजकीय यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी। राष्ट्रपति परमेलिन ने भी भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करने का अवसर है। PM मोदी और स्विस राष्ट्रपति के बीच किन मुद्दों पर होगी चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के बीच 5 अक्टूबर को द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच अब तक हुए सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। बैठक के प्रमुख मुद्दों में व्यापार और निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, लोगों की आवाजाही, संस्कृति और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी। इस यात्रा में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी को भी अहम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। भारत-EFTA समझौते की पहली वर्षगांठ पर बड़ा फोकस राष्ट्रपति परमेलिन की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 7 अक्टूबर को होने वाला दूसरा भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट है। इस कार्यक्रम में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी। EFTA में स्विट्जरलैंड के अलावा आइसलैंड, नॉर्वे और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। TEPA का उद्देश्य भारत और EFTA देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तैयार करना है। ऐसे में प्रॉस्पेरिटी समिट के दौरान समझौते के तहत हुई प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। राष्ट्रपति परमेलिन ने कहा कि यह यात्रा अब तक हासिल की गई उपलब्धियों का आकलन करने के साथ दोनों देशों के साझा भविष्य को आकार देने का भी अवसर है। राष्ट्रपति मुर्मु और विदेश मंत्री जयशंकर से भी होगी मुलाकात भारत प्रवास के दौरान राष्ट्रपति गाइ परमेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों के जरिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग मजबूत करने पर जोर रहेगा। पहले भी भारत आ चुके हैं स्विस राष्ट्रपति 5 से 7 अक्टूबर तक होने वाली यह राष्ट्रपति परमेलिन की पहली राजकीय भारत यात्रा है। हालांकि, इस साल वह दूसरी बार भारत आए हैं। इससे पहले फरवरी 2026 में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। राष्ट्रपति स्तर पर पिछली राजकीय यात्रा 2019 में हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2016 और 2018 में स्विट्जरलैंड की आधिकारिक यात्राओं पर गए थे। कुल मिलाकर, स्विस राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत संबंधों को आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर नई गति देने का अवसर है। अब इस यात्रा से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत और भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट पर विशेष नजर रहेगी।