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नेपाल बाढ़ में मौत के बीच जिंदगी की जीत, 10 दिन बाद बचाए गए मजदूर

नेपाल में भीषण बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए सुरंग से दो मजदूर जिंदा निकाले गए। सेना के बचाव अभियान में आवाज सुनाई दी, फिर दोनों सुरक्षित बाहर आए।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Nepal Flood: भीषण बाढ़ और तबाही के 10 दिन बाद नेपाल से राहत देने वाली खबर सामने आई है। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे दो मजदूरों को शुक्रवार को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया। कई दिनों तक अंधेरे और बेहद मुश्किल परिस्थितियों में फंसे रहने के बावजूद दोनों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। बचाए गए मजदूरों की पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर, जबकि संजय साह फोरमैन के तौर पर कार्यरत थे।

अंदर से आई आवाज और जागी उम्मीद

बाढ़ की त्रासदी के बाद से नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीमें लगातार सुरंग के भीतर दोनों मजदूरों की तलाश कर रही थीं। बचाव अभियान में विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई दीं। बचावकर्मियों ने तुरंत संपर्क स्थापित किया और दोनों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार दोनों मजदूरों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उनके जिंदा मिलने की खबर ने बचाव दल और स्थानीय लोगों में राहत की लहर पैदा कर दी।

बाढ़ में भारी तबाही

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बताया गया कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े मलबे के खिसकने के बाद हालात बिगड़े। उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाके बाढ़ और मलबे की चपेट में आए। ऐसे भयावह हालात के बीच 10 दिन बाद सुरंग से दो मजदूरों का जिंदा निकलना उम्मीद और राहत की बड़ी खबर बनकर सामने आया है।

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