Delhi CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की एक टीम शुक्रवार को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंची और उन्हें कनॉट प्लेस में प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया। दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में मार्च आयोजित करने का आह्वान किया था। नई दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रस्तावित मार्च को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके तहत कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सामूहिक रूप से जुटने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के सीमित समूह को किसी वैकल्पिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है। #WATCH | Delhi Police personnel arrive at the residence of NCP-SCP spokesperson Anish Gawande, where CJP Founder Abhijeet Dipke is staying. Abhijeet Dipke has called for a ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Connaught Place’s Central Park today. https://t.co/kCdkGpUDJU — ANI (@ANI) October 16, 2026 ज्ञानेश कुमार और SIR पर दिपके के गंभीर आरोप अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है। दिपके ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने इन आंकड़ों को चुनावी नतीजों के अंतर से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। दिपके ने सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया कि अंडरकवर पुलिसकर्मी उन पर नजर रख रहे हैं और एक सफेद स्कॉर्पियो उनका पीछा कर रही है। प्रदर्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन के खिलाफ नई दिल्ली किराना समिति और अन्य व्यापारिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मध्य दिल्ली में प्रदर्शन से यातायात और बाजारों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। त्योहारों के मौसम में इससे ग्राहकों को परेशानी और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील जय अनंत देहाद्राई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध की है। अब निगाहें अदालत की सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। ये भी पढ़ें: CJP के प्रदर्शन से दुकानदार परेशान, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बाजारों की रोजी-रोटी का मामला