Delhi Maujpur Restaurant Fire: दिल्ली के मौजपुर इलाके में मंगलवार रात एक रेस्टोरेंट में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग उधम रेस्टोरेंट के किचन में लगी थी। धुआं और आग फैलने की आशंका के बीच कुछ लोग जान बचाने के लिए पहली मंजिल की खिड़की से नीचे कूद गए। घटना के सामने आए वीडियो में कुछ लोग बच्चों को भी नीचे उतारते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कैसे हुई घटना और फिर क्या हुआ? जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10:34 बजे रेस्टोरेंट के किचन में आग लगने की सूचना मिली। आग लगने के बाद वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। कुछ लोग बाहर निकलने के लिए खिड़की की ओर बढ़े और नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया था। फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता नहीं चला है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। रेस्टोरेंट में आग लगने पर क्यों बढ़ जाता है खतरा? रेस्टोरेंट और होटल जैसी जगहों पर रसोई में गैस, बिजली के उपकरण और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजें मौजूद होती हैं। ऐसे में आग लगने पर धुआं तेजी से फैल सकता है और बाहर निकलने का रास्ता तलाशना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी जगहों पर अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और नियमित सुरक्षा जांच बेहद जरूरी हैं। आग लगने की स्थिति में लिफ्ट के बजाय सुरक्षित सीढ़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और धुएं से भरे रास्ते में जाने से बचना चाहिए। खिड़की से कूदना भी गंभीर चोट का कारण बन सकता है, इसलिए संभव हो तो प्रशिक्षित बचावकर्मियों की मदद लेनी चाहिए। दिल्ली में पहले भी हो चुका है बड़ा होटल अग्निकांड दिल्ली में इससे पहले भी होटल में आग लगने की एक बड़ी घटना सामने आ चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 3 जून को मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 लोग घायल हुए थे। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय नागरिक शामिल बताए गए थे।दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक के मुताबिक, होटल की इमारत ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिलों वाली थी और बाहर निकलने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। बताया गया था कि खिड़कियां बंद होने के कारण अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। इस घटना ने होटल और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को फिर सामने ला दिया था। मौजपुर की घटना से क्या सबक मिलता है? मौजपुर रेस्टोरेंट में सभी लोगों के सुरक्षित रहने की जानकारी राहत देने वाली है। हालांकि, घटना यह सवाल भी उठाती है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के इंतजाम कितने प्रभावी हैं। आग लगने के कारणों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना कैसे हुई। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, निकास मार्गों की व्यवस्था और कर्मचारियों की आपातकालीन ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ये भी पढ़ें: गंगा में नाव पलटने से 13 बच्चों सहित 14 लोगों की मौत, बिहार में भोज की खुशियां मातम में बदलीं