उत्तर प्रदेश

प्रेमानंदजी के शिष्य की मौत से जुड़े चौथे CCTV वीडियो ने बढ़ाए सवाल, आखिर कौन कर रहा फुटेज वायरल?

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद चौथा CCTV वीडियो वायरल होने से सवाल बढ़े हैं। पुलिस 30 से अधिक लोगों से पूछताछ और फुटेज के स्रोत की जांच कर रही है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Rasik Dulari Sharan: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक और CCTV फुटेज सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में घटना से जुड़े चार अलग-अलग वीडियो सामने आ चुके हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये CCTV फुटेज कहां से मिल रहे हैं और इन्हें सोशल मीडिया पर कौन साझा कर रहा है। 25 सितंबर को रसिक दुलारी शरण की मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आश्रम तथा आसपास से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की है। पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज के वायरल होने के स्रोत की भी जांच की जा रही है।

चौथे वीडियो में क्या दिखा?

5 अक्टूबर को सामने आए करीब 12 सेकंड के फुटेज में रसिक दुलारी एक कमरे से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सफेद हाफ कुर्ता और पीली धोती पहन रखी है। फुटेज में वह धीरे-धीरे गैलरी की ओर जाते और फिर सीढ़ियों की तरफ मुड़ते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, फुटेज अपने आप में घटना के कारण या परिस्थितियों का अंतिम प्रमाण नहीं है। इसकी सत्यता और संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

इससे पहले भी सामने आ चुके हैं तीन वीडियो

इस मामले में इससे पहले तीन अन्य CCTV फुटेज भी सामने आ चुके हैं। अलग-अलग तारीखों पर सामने आए इन वीडियो में रसिक दुलारी को घटना से पहले आश्रम की इमारत में अलग-अलग स्थानों पर देखा गया था। पहला वीडियो 27 सितंबर को सामने आया था। इसके बाद 3 अक्टूबर को दूसरा और 4 अक्टूबर को तीसरा वीडियो वायरल हुआ। लगातार फुटेज सामने आने के बाद CCTV रिकॉर्ड की सुरक्षा और उन्हें सार्वजनिक किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी फुटेज व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए वायरल हुए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मूल रिकॉर्डिंग तक किसकी पहुंच थी और फुटेज सार्वजनिक कैसे हुए।

30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

पुलिस रसिक दुलारी शरण की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इस सिलसिले में केली कुंज आश्रम से जुड़े 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच में CCTV रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े तथ्य और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।

तीन महीने से वृंदावन में रह रहे थे

रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वह वृंदावन आए थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रखा गया था। वह बिजली का काम जानते थे और आश्रम में इसी तरह की सेवा से जुड़े थे। बताया गया है कि घटना से पहले वह वृंदावन की एक बहुमंजिला इमारत में करीब तीन महीने से रह रहे थे।

परिवार ने भी उठाए सवाल

रसिक दुलारी की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी मां लौंग बाई वृंदावन पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से बेटे से उनकी बातचीत नहीं हो पाई थी। उनका कहना है कि वह पहले भी बेटे से मिलने वृंदावन आई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और CCTV फुटेज के स्रोत समेत घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले की परिस्थितियां क्या थीं और वायरल किए जा रहे वीडियो का मामले से वास्तविक संबंध कितना है।

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