ट्रंप के बयान पर भारत का पलटवार, सियासी घमासान तेज
भारत ने दिया करारा जवाब, बढ़ी कूटनीतिक तकरार

अमेरिका से आई एक खबर ने भारत में अचानक गुस्सा और बहस दोनों को हवा दे दी है। दरअसल, डोनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट का हिस्सा शेयर किया, जिसमें भारत और चीन के लोगों को लेकर काफी आपत्तिजनक बातें कही गईं।
इसमें दावा किया गया कि लोग जन्मसिद्ध नागरिकता का फायदा उठाकर अपने पूरे परिवार को अमेरिका ले आते हैं, और इसी को लेकर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
भारत सरकार ने इस पर सीधा नाम लिए बिना ही जवाब दिया, लेकिन लहजा साफ था। विदेश मंत्रालय ने ऐसे बयानों को “अनुचित, गलत जानकारी पर आधारित और खराब स्वाद वाला” बताया। साथ ही ये भी कहा कि इस तरह की बातें भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों को नहीं दर्शातीं, जो सालों से भरोसे और साझेदारी पर टिके हैं।
वहीं, इंडियन नेशनल कांग्रेस ने इस मुद्दे को तुरंत लपकते हुए इसे भारत का अपमान बताया। पार्टी का कहना है कि नरेंद्र मोदी को इस पर खुलकर बोलना चाहिए और अमेरिका के सामने सख्त विरोध दर्ज कराना चाहिए।
वैसे भी, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी खटास देखने को मिल रही है। रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव, व्यापार पर टैरिफ और अब ये बयान — इन सबने माहौल को थोड़ा संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि, इसी बीच खबर ये भी है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबीओ जल्द भारत आ सकते हैं, जिसे रिश्तों को सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन पहले से ही इमिग्रेशन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है, खासकर H-1B वीजा को लेकर, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। ऐसे में इस तरह की टिप्पणियां चिंता बढ़ाने वाली जरूर हैं।
अब देखना ये होगा कि ये मामला यहीं शांत हो जाता है या फिर दोनों देशों के रिश्तों पर इसका असर और गहरा पड़ता है। फिलहाल, इस बयान ने भारत में सियासी हलचल और जनता की नाराज़गी दोनों बढ़ा दी है।



