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‘सनातन के बिना भारत की कल्पना…, सनातन पर CM योगी ने दिया बड़ा संदेश

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन, भारत का मूल धर्म है। सनातन के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमारी कमी यह रही कि हमने अपने आप को विस्मृत कर दिया। हमारे पास सब कुछ था।

Reported by Vartika Singh and edited by Vartika Singh

CM Yogi Adityanath: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन, भारत का मूल धर्म है। सनातन के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमारी कमी यह रही कि हमने अपने आप को विस्मृत कर दिया। हमारे पास सब कुछ था। दुनिया जब अंधकार में जी रही थी, तब सबसे सुसभ्य, सुसंस्कृत और सबसे सुदृढ़ परंपरा भारत के पास मौजूद थी। सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में मंगलवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने तथा व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों के मर्म को नहीं पहचाना है, वे उत्तर प्रदेश और भारत को नहीं समझ पाएंगे। जिन लोगों ने अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति तथा कुंभनगरी प्रयागराज की सामाजिक समरसता को नहीं जाना, वह उत्तर प्रदेश और भारत को कैसे समझ पाएंगे।

गोमाता में है सनातन धर्म की पहचान

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म में गोमाता की प्रतिष्ठा को विस्तार से रेखांकित करते हुए कहा कि सनातन की पहचान गोमाता में है। हमारे सनातन की परंपरा रही है कि पहला ग्रास गोमाता का होता है। यदि हर सनातनी यह कार्य करता तो गोमाता आज सड़कों पर नहीं विचरतीं। इसी तरह अंतिम ग्रास श्वान का माना गया है। यदि यह कार्य किया जाता तो सड़क पर निराश्रित कुत्ते राहगीरों को शिकार नहीं बनाते। इसे लेकर हमने अपने ऋषि मुनियों की परंपरा का अनुसरण नहीं किया।

16 लाख से अधिक गोवंश का हो रहा लालन-पालन

सीएम योगी ने कहा कि धरती माता का एक नाम गोमाता भी है। हमें यदि धरती माता को बचाना है तो गोमाता को भी बचाना पड़ेगा। गोमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार अपने स्तर से सभी प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि सात हजार से अधिक गोशालाओं के माध्यम से प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है।

हर बीमारी का रामबाण उपचार है देसी गाय

मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी जैसी बीमारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सब सिस्टम की गलती का नतीजा है, जिसने रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल से हर खाद्यान्न को प्रभावित कर दिया है। इसका समाधान सिर्फ उपचार नहीं है। इस समस्या का समाधान भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है। गाय के गोबर से की गई प्राकृतिक खेती से उपजा अन्न उपयोग किया जाएगा तो कैंसर, किडनी व लीवर की खराबी, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होगी और तनाव भी नहीं होगा। गंभीर बीमारियों का रामबाण उपचार भारतीय नस्ल की गोमाता हैं, इसलिए हमें गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के अतिरिक्त, गरीबों की गंभीर बीमारियों के इलाज में उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 1400 करोड रुपये अलग से दिए हैं।

भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोमाता और गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार निराश्रित गोवंश को रखने पर किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी देती है। इसी तरह निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण पोषण की धनराशि दी जाती है। सीएम ने कहा कि देसी भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य होता है। आमजन भी गोशाला के संचालन में भागीदार बनकर पुण्य लाभ ले सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गोशाला में गोवंश को गोद लीजिए। उसके अनुरूप व्यवस्था करिए और गोपाष्टमी पर तिलक लगाकर उनका पूजन करिए। ऐसा करने पर आपका घर धन-धान्य से पूर्ण होगा, जीवन सुखमय होगा, सभी प्रकार की आरोग्यता की प्राप्ति होगी और गोमाता के आशीर्वाद से दुख, दरिद्रता नहीं रहेगी।

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