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महिलाओं की सुरक्षा पर SC सख्त, दिल्ली पुलिस को दिए ये बड़े निर्देश! अब हर जगह होगी निगरानी

महिलाओं की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त हुआ। दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी मॉनिटरिंग, बीट पेट्रोलिंग, अवैध इटरीज पर कार्रवाई और असुरक्षित जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Delhi Protest: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सख्त और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना काफी नहीं है, बल्कि उनकी लगातार निगरानी भी जरूरी है। महिलाओं को दिन हो या रात, सड़क, बस या मेट्रो में सफर के दौरान सुरक्षित महसूस होना चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

जस्टिस जे.बी. पारडीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। कोर्ट ने पुलिस को सक्रिय निगरानी और बीट पेट्रोलिंग मजबूत करने पर जोर दिया। असुरक्षित स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अवैध ढाबों और इटरीज पर कार्रवाई के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में चल रहे अवैध ढाबों और इटरीज पर भी कार्रवाई करने को कहा। कोर्ट के मुताबिक ऐसी जगहों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो सकता है और गैरकानूनी गतिविधियों का खतरा रहता है। पुलिस को ऐसे स्थानों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपराधियों में कानून का डर जरूरी

बेंच ने कहा कि आपराधिक तत्वों में कानून का डर होना चाहिए। पुलिस को अपराध रोकने के लिए सख्ती से काम करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटना चाहिए और कानून के दायरे में रहते हुए अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

लोगों से संवाद बढ़ाए पुलिस

कोर्ट ने पुलिस को आम लोगों के साथ संवाद बढ़ाने की सलाह भी दी। पुलिस को यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि लोग किन परिस्थितियों में रह रहे हैं और उन्हें किस तरह की सुरक्षा की जरूरत है। ऐसा माहौल बनाया जाए, जहां लोग पुलिस से संपर्क करने में डरें नहीं, बल्कि खुद को सुरक्षित महसूस करें।

16 नवंबर को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से यह भी जानना चाहा कि क्या लगातार निगरानी के लिए वार रूम जैसी कोई व्यवस्था मौजूद है। कोर्ट ने असुरक्षित स्थानों की पहचान कर वहां पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी और पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। यह मामला दिल्ली के आस्था कुंज पार्क, स्वरूप नगर और ग्रेटर नोएडा से जुड़ी चलती बस में सामने आई दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने से शुरू हुआ था।

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