Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले की गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रूरा सुल्तानपुर में शारदा नदी का कहर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी के आक्रामक रुख के कारण कटान ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे इलाके में भारी दहशत का माहौल है। ताजा घटनाक्रम में, आज प्रसिद्ध काली माता मंदिर पूरी तरह से शारदा नदी की तेज धाराओं में समा गया। इस बीच, स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के लिए चिंताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं। नदी के इस तांडव के चलते अब तक कुल चार मंदिर शारदा नदी के आगोश में समा चुके हैं। शिव मंदिर पर मंडराया खतरा काली माता मंदिर के नदी में विलीन होने के बाद अब लोगों की निगाहें वीर बाबा स्थान पर टिकी हैं। यहां स्थित भगवान शिव (शंकर जी) का एकमात्र बचा हुआ मंदिर भी अब खतरे की जद में आ गया है। लगातार हो रहे कटान के कारण इस मंदिर पर भी नदी का खतरा मंडराने लगा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। कटान से ग्रामीणों में दहशत कटान की इस तेज रफ्तार ने तटवर्ती इलाकों के निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण लंबे समय से नदी के कटान को रोकने के लिए ठोस और स्थाई उपायों की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, स्थानीय लोग अपने स्तर पर सुरक्षा के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उफान पर चल रही शारदा नदी के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, परंतु ग्रामीणों में भारी नाराजगी और भय का माहौल व्याप्त है। रिपोर्ट- कमल के मिश्रा ये भी पढ़ें: खड़गे की 3 मांगों पर कांग्रेस का अडिग रुख, SIR से बैलेट पेपर तक बढ़ी सियासी हलचल