Harmanpreet Kaur Resigns: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। भारत को 2025 में महिला वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली हरमनप्रीत अब किसी भी फॉर्मेट में टीम की कप्तान नहीं रहेंगी। कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर अपने लंबे सफर, संघर्ष और त्याग को याद किया। हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, इस फैसले के साथ कई सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जीवनभर उनके साथ रहेंगे। क्या किसी दबाव में लिया गया फैसला? हरमनप्रीत के अचानक कप्तानी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ? रिपोर्ट्स के मुताबिक, घोषणा से कुछ घंटे पहले गुवाहाटी में BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया, महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार, हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के बीच बैठक हुई थी। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि बैठक में टीम के भविष्य और नई लीडरशिप को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, हरमनप्रीत पर कप्तानी छोड़ने के लिए दबाव बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मिताली राज के संन्यास के बाद 2022 में हरमनप्रीत को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी गई थी। इससे पहले वह 2016 में भारतीय महिला टीम की नियमित T20I कप्तान बनी थीं। 'मैंने अपना खून, पसीना और समय दिया' कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर लंबी भावुक पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। इस दौरान उन्होंने अपना खून, पसीना और समय लगाने के साथ कई बार अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं को भी पीछे रखा। हरमनप्रीत के मुताबिक, कप्तान के तौर पर उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े। कुछ फैसलों को समझा नहीं गया और कई बार उनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन उनका कहना है कि हर फैसले के पीछे टीम को बेहतर बनाने और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना ही मकसद था। उन्होंने अपने सफर के अच्छे और मुश्किल दोनों दौर को याद किया। आलोचना, संदेह और हार के साथ-साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने के गर्व को भी उन्होंने अपनी यात्रा का हिस्सा बताया। हरमनप्रीत ने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि भारतीय टीम सही दिशा में है और उसमें प्रतिभा, चरित्र और आत्मविश्वास मौजूद है। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने रचा इतिहास हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी कप्तानी का सबसे बड़ा पड़ाव 2025 में आया, जब भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता। 2026 में भी उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। एशियन गेम्स में भारत ने श्रीलंका को हराकर महिला क्रिकेट में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट ने एक ऐसे दौर को देखा, जिसमें टीम ने बड़े टूर्नामेंटों में अपनी दावेदारी मजबूत की और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। 150 T20 में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर के नाम T20 कप्तानी का भी बड़ा रिकॉर्ड है। सितंबर 2026 में वह 150 T20 मैचों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। 150 T20 मैचों की कप्तानी तक पहुंचने से पहले हरमनप्रीत ने 149 मुकाबलों में भारत की कमान संभाली थी, जिसमें टीम ने 86 मैच जीते थे। अप्रैल 2026 में उन्होंने कप्तान के तौर पर T20 में 3,000 रन का आंकड़ा भी पार किया था। 200 T20 खेलने वाली पहली क्रिकेटर हरमनप्रीत का अंतरराष्ट्रीय करियर भी रिकॉर्ड से भरा रहा है। जून 2026 में वह 200 T20I मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं। इससे पहले फरवरी 2026 में वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनी थीं। उस समय उनके नाम 356 अंतरराष्ट्रीय मैच दर्ज थे। हरमनप्रीत का करियर भारतीय महिला क्रिकेट के बदलाव और विकास का अहम हिस्सा रहा है। कप्तानी छोड़ने के बाद भी वह भारत के लिए क्रिकेट खेलती रहेंगी। अब कौन बनेगा टीम इंडिया का अगला कप्तान? हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल भारतीय महिला टीम के अगले कप्तान को लेकर है। उपकप्तान स्मृति मंधाना समेत कई नामों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला BCCI को करना है। ये भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान हॉकी सेमीफाइनल में आखिरी मिनट का रोमांच, अभिषेक के गोल से भारत की फाइनल में एंट्री