Flood in lucknow: राजधानी लखनऊ में बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और बाढ़ से स्थायी बचाव के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक करीब 40 किलोमीटर लंबे तटबंध के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परियोजना को मंजूरी दे दी गई है और मानसून खत्म होने के बाद धनराशि जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा। गोमती किनारे बनेगा तटबंध मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित तटबंध को ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके ऊपर एक सड़क भी बनाई जाएगी। उन्होंने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती नदी के किनारे सर्वे कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ के दौरान तटबंध के बाहर आबादी वाले क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए पंपिंग सेट भी लगाए जाएंगे। नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन पंपों की मदद से जमा पानी को बाहर निकालने की व्यवस्था की जाएगी। बीकेटी में पीड़ित परिवारों से मिले योगी मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई निरीक्षण के बाद बीकेटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। योगी ने निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। शिविरों में सुबह-शाम गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध, गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार और पशुओं के लिए भूसा-चोकर उपलब्ध कराने को कहा गया। जनहानि पर 4 लाख की सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से मौत होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। पशुहानि और फसल नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। मेडिकल टीमों की तैनाती बाढ़ के कारण राहत शिविरों में गए परिवारों के खाली घरों की सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी और चौकीदारों को रात में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने को कहा गया है। मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे। प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुओं वाली राहत किट दी जा रही है। इसमें चावल, आटा, आलू, अरहर दाल, तेल, नमक, मसाले और बरसाती समेत जरूरी सामान शामिल हैं। बिजली की समस्या वाले राहत शिविरों में पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी। राजनाथ सिंह ने फोन पर ली जानकारी रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। योगी ने बताया कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई भारी बारिश के चलते गोमती का जलस्तर बढ़ा है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे बीकेटी, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक बाढ़ जैसे हालात बने हैं। ये भी पढ़ें: अखिलेश के एक बयान से बदले सियासी समीकरण, तीसरे उम्मीदवार पर सस्पेंस हुआ खत्म?