Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। राम मंदिर परिसर में हुई बैठक के बाद कमेटी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने रिपोर्ट ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज को सौंपी। इस दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। तीन सदस्यीय कमेटी ने तैयार किया पैनल CEO के चयन के लिए बनाई गई समिति में प्रमोद कोहली के अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद CEO पद के लिए संभावित नामों का पैनल तैयार किया है। अब ट्रस्ट इस पैनल में शामिल उम्मीदवारों पर विचार करेगा और उनमें से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा। https://twitter.com/ANI/status/2094681818876580193 2 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को अहम बैठक प्रस्तावित है। इसी बैठक में पहले पूर्णकालिक CEO के नाम की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। CEO की नियुक्ति के बाद राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं के संचालन में इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मंदिर परिसर के बढ़ते दायरे और व्यवस्थाओं को देखते हुए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। अब सभी की नजरें 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर हैं, जहां राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है। ये भी पढ़ें: राम मंदिर को मिलेगा नया CEO! 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर टिकीं निगाहें