उत्तर प्रदेशमहोबा

रात 3 बजे तक गूंजा कजली मेला, कवियों ने जमाया रंग

महोबा के कजली मेले में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन देर रात तक चला। रोहित शर्मा के संयोजन में सजी महफिल में वेदव्रत बाजपेयी ने अध्यक्षता और सरदार मंजीत सिंह ने संचालन किया।

Mahoba Kajli Fair: उत्तर प्रदेश के महोबा में मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित कजली मेला अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अद्भुत एवं अविस्मरणीय रहा। महोबा के श्रेष्ठतम व्यंग्यकार एवं महोबा मंच के अध्यक्ष सुकवि रोहित शर्मा के संयोजन में सजा यह कवि सम्मेलन देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किए रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओज के राष्ट्रीय कवि वेदव्रत बाजपेयी ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन हास्य-व्यंग्य के प्रख्यात कवि सरदार मंजीत सिंह ने किया।

कविता, हास्य और व्यंग्य

कवि सम्मेलन का शुभारंभ परंपरागत वाणी वंदना से हुआ। बाराबंकी से पधारीं कवयित्री शशि श्रेया ने वाणी वंदना कर वर्ण-प्रसून अर्पित किए। द्वितीय क्रम में उरई से आई श्रृंगार की ख्यात कवयित्री प्रिया दिव्यम ने अपने गीत “चले आओ तुम्हें ये दिल बड़े दिल से बुलाता है” से पूरे पंडाल को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद हास्य के क्रम में मंदसौर से पधारे मुन्ना बैटरी एवं ललितपुर से संजय पांडेय ‘भारत’ ने अपनी रचनाओं से खूब हंसाया। कोटा से आए व्यंग्यकार सुरेंद्र यादवेंद्र की व्यंग्य रचनाओं ने तो हास्य को चरम पर पहुंचा दिया। बाराबंकी की शशि श्रेया के मुक्तक “प्रेम है तो…” और “नालियों में किसके बच्चे मिल रहे हैं” ने श्रोताओं को सोचने पर विवश कर दिया। वहीं छतरपुर से पधारे अभिराम पाठक के ओज गीत “भगत सिंह की फांसी” ने युवाओं में जोश भर दिया।

काव्य से गूंजा पंडाल

कार्यक्रम में देश में गीतों के राजकुमार और गीत-गंधर्व के नाम से विख्यात डॉ. विष्णु सक्सेना ने जब अपना चर्चित गीत “मंदिरों की बनावट सा दिल है मेरा, थाल पूजा का लेकर चले आइए” सुनाया तो भारी बरसात के बावजूद रात्रि 3 बजे तक हजारों श्रोता टकटकी लगाए सुनते रहे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समय थम सा गया हो। अंत में शिखर कलश के रूप में अध्यक्षीय काव्य पाठ के लिए आमंत्रित लखनऊ से पधारे ओज के सशक्त हस्ताक्षर वेदव्रत बाजपेयी ने अपनी ओजस्वी रचना “लाल किले का रस्ता भारत की गलियों से जाता है” सुनाई, जिस पर समूचा सदन करतल ध्वनि से गूंज उठा।

कवियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के अंत में संयोजक रोहित शर्मा ने सभी काव्य-प्रेमियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। मेला समिति की ओर से परगनाधिकारी शिवध्यान पांडेय ने सभी आमंत्रित कवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर के स्थानीय कवि, साहित्य प्रेमी एवं हजारों की संख्या में श्रोता पूरी रात उपस्थित रहे।

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