Ghaziabad BIS Raid: गाजियाबाद। मानक चिह्न के कथित दुरुपयोग और गैर-अनुपालक उत्पादों के खिलाफ भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई की है। BIS की गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा शाखाओं की संयुक्त टीमों ने लोनी और मोहननगर स्थित दो औद्योगिक इकाइयों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में हेलमेट और LPG रेगुलेटर जब्त किए। रद्द लाइसेंस पर ISI मार्क पहली कार्रवाई लोनी स्थित हेलमेट निर्माण इकाई में हुई। जांच के दौरान टीम को ऐसे हेलमेट मिले, जिन पर ऐसा BIS लाइसेंस नंबर दर्ज था, जिसे पहले ही रद्द किया जा चुका था। टीम ने मौके से 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की। BIS के मुताबिक, अब यह जांच की जा रही है कि रद्द लाइसेंस के बावजूद ISI मार्क वाले हेलमेट का निर्माण, भंडारण या अन्य गतिविधियां कैसे जारी रहीं। कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई। इस अभियान का नेतृत्व BIS गाजियाबाद शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा तथा नोएडा शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक हर्षित कुमार जैन ने किया। दूसरी यूनिट से 1158 रेगुलेटर बरामद दूसरी कार्रवाई मोहननगर के आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित इकाई में की गई। यहां BIS टीम ने जांच के दौरान 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए। इस कार्रवाई की अगुवाई BIS गाजियाबाद शाखा के वैज्ञानिक-डी एवं संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार पालसानिया और दिल्ली शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक सचिन सिंह नरूका ने की। दोनों मामलों में जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कब्जे में लिया गया है। उपभोक्ताओं को BIS की सलाह BIS ने कहा कि मानक चिह्न का अनधिकृत या गलत इस्तेमाल गंभीर कानूनी उल्लंघन है। खासतौर पर हेलमेट की गुणवत्ता सीधे सड़क सुरक्षा से जुड़ी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हेलमेट खरीदते समय केवल ISI मार्क देखकर संतुष्ट न हों। उस पर दर्ज BIS लाइसेंस नंबर की वैधता भी जरूर जांचें। किसी संदिग्ध प्रमाणन या मानक चिह्न के दुरुपयोग की जानकारी संबंधित विभाग को देने की भी अपील की गई है। ये भी पढ़ें: 5 डे वर्किंग पर फिर घमासान, गाजियाबाद में बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन, सितंबर में बड़े आंदोलन की चेतावनी