Ghaziabad Encroachment: गाजियाबाद में अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को हंगामा हो गया। अर्थला और सद्दीकनगर में नगर निगम की टीम ने करीब चार करोड़ रुपये कीमत की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों ने टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया। महापौर के आदेश पर एक्शन मामला तब सामने आया जब महापौर सुनीता दयाल को शिकायत मिली कि अर्थला में हिंडन नदी के पास और सद्दीकनगर के संगम विहार क्षेत्र में निगम की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। बताया गया कि भूमाफियाओं ने लोगों को गुमराह करने के लिए मौके पर लगा नगर निगम का बोर्ड भी हटा दिया था।शिकायत का संज्ञान लेते हुए महापौर ने संपत्ति विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बुलडोजर पहुंचते ही पथराव निर्देश के बाद संपत्ति प्रभारी चंद्रकांता के नेतृत्व में संपत्ति और परिवर्तन विभाग की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अर्थला में बुलडोजर से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध कर रहे लोगों ने अचानक टीम पर पथराव कर दिया। हमले में परिवर्तन दल का एक कर्मचारी घायल हो गया। हालांकि विरोध के बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई नहीं रोकी और करीब 1,100 वर्गमीटर क्षेत्र में की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों पर हमला करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महापौर के मुताबिक, अब सिर्फ अवैध निर्माण गिराने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। कब्जे में शामिल लोगों के खिलाफ भूमाफिया एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की टीमें पथराव करने वालों की पहचान में जुटी हैं। ये भी पढ़ें: रद्द लाइसेंस फिर भी ISI मार्क! गाजियाबाद में BIS की छापेमारी, 730 हेलमेट और 1158 LPG रेगुलेटर जब्त