Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कतर्नियाघाट क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। आनंद नगर, बड़खड़िया गांव में बृहस्पतिवार देर रात तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इसके पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली, वहीं इलाके के ग्रामीणों ने भी चैन महसूस किया। राजवीर की मौत के बाद तेज हुआ था अभियान जानकारी के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 को आनंद नगर, बड़खड़िया निवासी राजवीर पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस घटना में उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया।घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली। इसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जाने लगे। कई बार बदली गई पिंजरे की जगह तेंदुए को पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए। जरूरत के अनुसार पिंजरों की जगह भी बदली जाती रही, ताकि तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिल सके। कतर्नियाघाट रेंज की टीम लगातार अभियान में जुटी रही। कई दिनों तक चली निगरानी और प्रयासों के बाद बृहस्पतिवार देर रात तेंदुआ आखिरकार आनंद नगर, बड़खड़िया गांव में लगाए गए पिंजरे में फंस गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम उसे अपने कार्यालय ले गई। अब उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। राजवीर की मौत के बाद से ग्रामीणों के बीच बना डर अब कम होने की उम्मीद है। हालांकि, वन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई और तेंदुए के स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़ी जानकारी का इंतजार है। ये भी पढ़ें: SUV पर पत्रकार संगठन का नाम, अंदर नशीले सिरप की खेप! बहराइच में 1279 शीशियां बरामद