CM Yogi Varanasi Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह में धर्म, राष्ट्र और आध्यात्मिक चेतना को लेकर अपना विचार रखा। उन्होंने कहा कि धर्म के लिए किया गया त्याग महान होता है। शांति के समय संयम, सौहार्द और लोककल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ के कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, “धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।” उन्होंने संन्यासियों के जीवन में धर्म की रक्षा और समाज के प्रति दायित्व को महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्र पर संकट का असर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश संकट से गुजरता है, तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी प्रभावित होती है। अपने संबोधन में उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या की राम जन्मभूमि और मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख किया। योगी आदित्यनाथ ने इतिहास का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि विदेशी आक्रांता सफल नहीं हुए होते, तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस किया जाता? उन्होंने राम जन्मभूमि से जुड़े लंबे विवाद और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश को आपसी बंटवारे के परिणाम भुगतने पड़े। संतों की साधना से राष्ट्रीय जागरण का संदेश सीएम योगी ने कहा कि संतों ने आध्यात्मिक साधना के माध्यम से राष्ट्रीय जागरण को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उनके मुताबिक, धर्म का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण से भी जुड़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्रीय चेतना और संकल्प से जुड़ा बताया। अपने संबोधन के जरिए मुख्यमंत्री ने धर्म, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को लेकर अपनी बात रखी। ये भी पढ़ें: UP की सियासत में दिव्या मित्तल की एंट्री! नई पार्टी का किया ऐलान