Divya Mittal: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक नई राजनीतिक पार्टी की एंट्री होने जा रही है। पूर्व IPS अधिकारी दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ नाम से नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में उतरकर अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करेगी। इस घोषणा के साथ ही उनकी राजनीतिक पारी की दिशा भी साफ हो गई है। जनता की आवाज बनेगी प्राथमिकता दिव्या मित्तल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि देश में समस्या राजनीति की कमी नहीं, बल्कि आम लोगों की बात नहीं सुने जाने की है। उनके मुताबिक, व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें जनता की जरूरतों को प्राथमिकता मिले और सरकार अपने फैसलों के लिए लोगों के प्रति जवाबदेह हो। मेरा राजनीतिक सफर का अगला कदम। मेरे साथ जुड़ें 🙏🙏 https://t.co/c9ihA3dxOB — Divya Mittal (@divyamittal_IAS) October 15, 2026 जनता के संदेशों से मिला पार्टी बनाने का विचार एक वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने बताया कि इससे पहले जब उन्होंने राजनीति में आने की इच्छा जताई थी, तब लोगों से जुड़ने के लिए एक मोबाइल नंबर साझा किया था। इसके बाद उस नंबर पर बड़ी संख्या में संदेश आने लगे। प्रतिक्रिया इतनी अधिक थी कि व्हाट्सएप ने नंबर को रोक दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने की उम्मीद नहीं थी। संदेशों को व्यवस्थित तरीके से संभालने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को हुई परेशानी के लिए उन्होंने माफी भी मांगी। लोगों की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगा, जैसे वह सूरज के सामने दिया लेकर खड़ी हों, जबकि जरूरत केवल खिड़की खोलने की थी। इस कथन के जरिए उन्होंने जनता की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। तीन वचनों पर टिकी होगी जननीति भारत दिव्या मित्तल ने नई पार्टी की विचारधारा के तीन प्रमुख आधार बताए हैं। जनता की भागीदारी: नीतियां बनाते समय लोगों की राय और जरूरतों को महत्व दिया जाएगा। जरूरत के आधार पर फैसले: निर्णय किसी की पहचान के बजाय उसकी वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। जवाबदेही: हर काम के लिए जिम्मेदारी तय होगी और जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर सुधार किया जाएगा। 2027 के चुनाव में पेश करेंगी चुनौती दिव्या मित्तल ने कहा कि ‘जननीति भारत’ का उद्देश्य ऐसी राजनीतिक व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें जनता की आवाज और अपेक्षाओं को प्राथमिकता मिले। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में उतरने की घोषणा के साथ पार्टी ने अपना लक्ष्य स्पष्ट कर दिया है। अब देखना होगा कि नई पार्टी अपने विचारों को संगठन और चुनावी रणनीति में कैसे बदलती है और आगामी विधानसभा चुनाव में जनता के बीच कितना समर्थन जुटा पाती है। ये भी पढ़ें: गाजीपुर MLC चुनाव को लेकर तैयारियां तेज, RTI हॉल में अफसरों को दी गयी ट्रेनिंग