Jalaun News: उत्तर प्रदेश के जालौन में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा प्रतीक्षा के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मडोरा की छात्रा को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान उसने न केवल डीएम की कुर्सी पर बैठने का अनुभव लिया, बल्कि जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं भी सुनीं। DM ने बुके देकर किया स्वागत गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जिलाधिकारी समीर ने छात्रा प्रतीक्षा का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने छात्रा को अपनी कुर्सी पर बैठाकर उसका उत्साह बढ़ाया। इस पहल के जरिए छात्रा को प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने और भविष्य में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। जनसुनवाई में सुनीं लोगों की शिकायतें एक दिन की प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनीं प्रतीक्षा ने जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अनुभव के माध्यम से छात्रा को सरकारी कामकाज, जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला। IAS या PCS अधिकारी बनने का सपना इस खास अनुभव से उत्साहित प्रतीक्षा ने कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेंगी और कड़ी मेहनत के दम पर आईएएस या पीसीएस अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा करेंगी। उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी समीर ने भी छात्रा की प्रतिभा और उत्साह की सराहना की। उन्होंने प्रतीक्षा को होनहार बताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पढ़ाई के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। बेटियों को बड़े सपने देखने का संदेश इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति रुचि विकसित करना है। प्रतीक्षा को एक दिन के लिए डीएम की भूमिका देकर यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बेटियां भी मेहनत, शिक्षा और सही मार्गदर्शन के सहारे ऊंचे पदों तक पहुंच सकती हैं। प्रतीक्षा का यह अनुभव दूसरी छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जो भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखती हैं। ये भी पढ़ें: रफ्तार बनी हादसे की वजह, जालौन में यात्रियों से भरी बस पलटी, 12 घायल