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लद्दाख की 28 जगहों को भारत ने दिया आधिकारिक नाम, मिली नई पहचान

भारत ने लद्दाख की 28 भौगोलिक जगहों को आधिकारिक नक्शे में मानक नाम दिए। सीमा विवाद के बीच इस कदम से चीन की नजरें जरूर इस फैसले पर टिक सकती हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ladakh 28 locations: लद्दाख को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। भारत ने लद्दाख की 28 भौगोलिक जगहों और संरचनाओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में मानक नामों के साथ दर्ज किया है। गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी साझा की।

लद्दाख की नई आधिकारिक पहचान

इन स्थानों में पहाड़ों की चोटियां, दर्रे, ग्लेशियर, घाटियां और जमीन के अलग-अलग हिस्से शामिल हैं। सरकार के मुताबिक, यह प्रक्रिया लद्दाख प्रशासन के साथ चर्चा के बाद पूरी की गई है। इसका उद्देश्य इन भौगोलिक क्षेत्रों की पहचान को स्पष्ट करना और आधिकारिक रिकॉर्ड में उनके नामों को एक समान रूप से दर्ज करना है।

28 जगहों में कौन-कौन से नाम शामिल?

आधिकारिक नक्शे में शामिल किए गए नामों में अतिशा गिरी चोटी, ब्रांग्सा क्षेत्र और चपचिंगल पास समेत कई भौगोलिक संरचनाएं शामिल हैं। इन्हें नक्शे में उनके मानक नाम और संबंधित भौगोलिक श्रेणी के साथ दर्ज किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे इन क्षेत्रों की पहचान, सर्वेक्षण और प्रशासनिक रिकॉर्ड तैयार करने में स्पष्टता आएगी।

चीन के लिए क्यों अहम है यह कदम?

लद्दाख का पूर्वी और उत्तरी हिस्सा भारत-चीन सीमा विवाद के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ऐसे में किसी भौगोलिक क्षेत्र का आधिकारिक भारतीय नक्शे में नाम और पहचान के साथ दर्ज होना प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने यह नहीं कहा है कि 28 जगहों के नाम दर्ज करने का उद्देश्य चीन के साथ सीमा विवाद में भारत का दावा मजबूत करना है। सरकार ने इसके पीछे मुख्य वजह सही पहचान और लोगों में भौगोलिक जागरूकता बढ़ाना बताई है।

अरुणाचल में भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

लद्दाख से पहले अगस्त 2026 में अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक संरचनाओं को भी सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में मानक नामों के साथ दर्ज किया गया था। उस समय भी सरकार ने इसी तरह सही पहचान और जागरूकता को प्रक्रिया का उद्देश्य बताया था।

2019 में बना था केंद्र शासित प्रदेश

लद्दाख को 31 अक्टूबर 2019 को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था। वर्तमान में यहां लेह और कारगिल दो जिले हैं। ऊंचाई वाले इस सीमावर्ती क्षेत्र में सटीक नक्शे और मानकीकृत भौगोलिक नाम प्रशासन, सर्वेक्षण और सरकारी रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण हैं। 28 जगहों की यह नई आधिकारिक पहचान ऐसे समय दर्ज हुई है, जब लद्दाख सीमा पर भारत-चीन संबंधों पर लगातार नजर बनी हुई है।

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