Noida Pollution: नोएडा में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। बुधवार सुबह शहर के कई इलाकों में स्मॉग की मोटी चादर देखने को मिली। सेक्टर-62 में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 427 तक पहुंच गया, जबकि शहर का औसत AQI 316 दर्ज किया गया। हवा की बिगड़ती गुणवत्ता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए GRAP-2 की पाबंदियां लागू होने के बावजूद हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। सेक्टर-62 में सबसे ज्यादा प्रदूषण बुधवार, 4 नवंबर 2026 की सुबह 9 बजे सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में रही। सेक्टर-62 सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां AQI 427 दर्ज किया गया। वहीं सेक्टर-110 में 350, सेक्टर-150 में 351, सेक्टर-39 में 317 और सेक्टर-1 में AQI 251 रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। खासतौर पर 400 के पार पहुंचा AQI स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है। GRAP-2 लागू फिर भी हवा में सुधार क्यों नहीं? दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए GRAP-2 के तहत कई प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके बावजूद नोएडा में स्मॉग का असर कम नहीं हो रहा। लगातार खराब होती हवा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण के लिए आगे क्या कदम उठाता है। चार दिनों में ऐसे बदलता रहा AQI नोएडा में पिछले चार दिनों के आंकड़े भी प्रदूषण की गंभीरता दिखाते हैं। 1 नवंबर: AQI 248 2 नवंबर: AQI 330 3 नवंबर: AQI 291 4 नवंबर: AQI 316 आंकड़ों में उतार-चढ़ाव के बावजूद हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। दिल्ली बॉर्डर पर जाम ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें प्रदूषण के बीच नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को यातायात जाम का भी सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में BS-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक और वाहनों की जांच के चलते चिल्ला बॉर्डर तथा सेक्टर-62 के आसपास लंबी कतारें लग रही हैं। वाहनों की जांच के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ऐसे में लोगों को सफर में अतिरिक्त समय लग रहा है। एक तरफ जहरीली हवा और दूसरी तरफ सड़कों पर जाम ने नोएडा के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शहर को प्रदूषण और ट्रैफिक की दोहरी मार से राहत कब मिलेगी? रिपोर्ट- आमिर खान ये भी पढ़ें: नोएडा हेडलाइन की खबर का बड़ा असर, यमुना एक्सप्रेसवे के जर्जर अंडरपास की मरम्मत शुरू