Delhi || Massive Fire || 8 People Died : दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुए एक भयानक होटल के अग्निकांड ने एक ऐसा दिल को छू लेने वाला मामला प्रस्तुत किया है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखों में आंसू आ जाते हैं। साकेत के मैक्स अस्पताल में गंभीर रूप से भर्ती अपने एक बीमार बुजुर्ग (दादाजी) से मिलने के लिए पूरा परिवार दिल्ली में इकट्ठा हुआ था। लेकिन किसी को भी अंदाजा नहीं था कि ये उनकी जिंदगी की आखिरी मुलाकात साबित होगी। होटल में लगी भीषण आग के हादसे में इस परिवार के 8 सदस्यों की दम घुटने और जलने से मौत हो गई। बीमार बुजुर्ग का हाल-चाल जानने रिश्तेदार पहुंचे पारिवारिक लोगो के मुताबिक, परिवार के सबसे बड़े बुजुर्ग कुछ दिनों से गंभीर बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखने और उनका हाल जानने के लिए परिवार के कई सदस्य, जो देश के अलग-अलग हिस्सों और कुछ विदेश से भी हैं, दिल्ली आए। उन्होंने अस्पताल के पास मालवीय नगर के 'फ्लरिश स्टे' होटल में कुछ कमरे बुक कर लिए ताकि अस्पताल आना-जाना आसानी से हो सके। एक ही झटके में बिखर गया खुशियों भरा परिवार बुधवार सुबह जब होटल के नीचे के रेस्टोरेंट में आग लगी, पूरा परिवार गहरी नींद में था। पलभर में जहरीला धुआं उनके कमरों में भर गया और किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस दुखद घटना में मरने वालों में से 21 लोग थे, जिनमें से 8 एक ही परिवार के थे। अस्पताल के बाहर मौजूद एक रिश्तेदार ने रोते हुए बताया: "हम सब यहाँ दादाजी के ठीक होने की दुआ करने आए थे। लेकिन भगवान ने ऐसा दिन दिखाया कि जो लोग उन्हें देखने आए थे, आज वे ही इस दुनिया में नहीं रहे। अब हम दादाजी को क्या जवाब देंगे?" अस्पताल में छाया सन्नाटा बुधवार शाम से मैक्स अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर इस परिवार के बचे हुए रिश्तेदारों का रोना-धोना जारी रहा । एक तरफ बुजुर्ग अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ उनके 8 प्रियजनों के शव अस्पताल के शवगृह में रखे हुए हैं। पुलिस ने शवों की पहचान के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जा रही है। ये भी पढ़े : कॉकरोच जनता पार्टी के नए चेहरे! आखिर कौन हैं सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका?