Champat Rai First Statement: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रामभक्तों के नाम जारी एक पत्र में अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरे मामले पर मौन धारण कर रखा है और समय आने पर सच्चाई सभी के सामने आएगी। आरोपों पर चुप्पी चंपत राय ने पत्र में लिखा कि 6 जून 2026 को राम मंदिर परिसर के दानपात्रों की गणना के दौरान हुई कथित चोरी की घटना के बाद लगातार चर्चाएं और आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने बिना तथ्यों के उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाए, लेकिन उन्होंने किसी भी विवाद में सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने के बजाय चुप रहना उचित समझा। SIT रिपोर्ट पर सवाल पूर्व महासचिव ने बताया कि 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। उनके अनुसार यह रिपोर्ट गोपनीय थी, लेकिन बाद में सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई। चंपत राय ने संकेत दिया कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने रामभक्तों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सत्य को छिपाया नहीं जा सकता और अंततः वास्तविकता सामने आएगी। गौरतलब है कि चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट में हुए बदलावों के बीच चंपत राय का यह पहला आधिकारिक बयान माना जा रहा है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ये भी पढ़ें: घंटाघर में आग का तांडव! जूतों के शोरूम से उठीं लपटें, व्यस्त बाजार में मची अफरा-तफरी