उत्तर प्रदेशनोएडा

स्कूटी सिखाने की आड़ में चलता था बाइक चोरी का खेल! 2 आरोपी गिरफ्तार, 10 बाइक बरामद

नोएडा में स्कूटी ट्रेनर बाइक चोर गिरोह का सरगना निकला। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की 10 बाइक बरामद कीं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

Noida Police Action: महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखाने वाला एक ट्रेनर पर्दे के पीछे बाइक चोरी के गिरोह का सरगना निकला। नोएडा पुलिस ने इस हैरान करने वाले मामले का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के नेटवर्क की जांच में जुटी है।

क्या है पूरा मामला

सेक्टर-49 थाना पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान सेक्टर-50 इलाके से बाइक पर घूम रहे दो संदिग्ध युवकों को रोका। पूछताछ में उनकी पहचान बिहार के कटिहार निवासी बलिंदर और नोएडा के होशियारपुर निवासी विवेक के रूप में हुई। बलिंदर फिलहाल होशियारपुर में किराये के मकान में रह रहा था। जांच में सामने आया कि बलिंदर एक ऑनलाइन टू-व्हीलर ट्रेनिंग स्कूल में स्कूटी ट्रेनर के रूप में काम करता था। वह महिलाओं को 12 दिन का स्कूटी प्रशिक्षण देता था और इसके लिए करीब एक हजार रुपये शुल्क लेता था। दिन में ट्रेनिंग देने के बाद वह अपने साथी विवेक के साथ बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

लॉक तोड़कर चोरी

पुलिस के मुताबिक दोनों पहले पार्क, मॉल, फैक्ट्रियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर लेते और उन्हें सुनसान जगहों पर छिपा देते। बाद में ग्राहक मिलने पर ये बाइक 8 से 15 हजार रुपये में बेच दी जाती थीं। यदि खरीदार नहीं मिलता तो वाहनों के पार्ट्स अलग-अलग बेचकर रकम कमाई जाती थी। चोरी से मिली रकम दोनों आपस में बांट लेते थे।

पूछताछ में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं। पुलिस के अनुसार विवेक नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की घटनाओं में शामिल होता था। दोनों के खिलाफ नोएडा के अलग-अलग थानों में चोरी, आबकारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं।

पुलिस ने दी जानकारी

अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रेनिंग लेने आने वाले लोगों के वाहनों को भी आरोपियों ने निशाना बनाया था या नहीं। साथ ही ऑनलाइन टू-व्हीलर ट्रेनिंग स्कूल के संचालन और वहां कार्यरत ट्रेनरों के सत्यापन को लेकर परिवहन विभाग से भी संपर्क किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं।

 

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