Tourism Police Training: भारत में पर्यटन को सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब देशभर के तीन लाख से अधिक पर्यटन पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित न रहें, बल्कि पर्यटकों के पहले मददगार, मार्गदर्शक और संकट के समय भरोसेमंद साथी भी बन सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश की पर्यटन व्यवस्था मजबूत होगी, विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। देशभर में प्रशिक्षण अभियान इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) कर रहा है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रस्ताव भेजा गया है। पहले चरण में भुवनेश्वर, ग्वालियर और अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर करीब 35 हजार पर्यटन पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब अगले चरण में इसे देशभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक विस्तार दिया जाएगा। क्या सिखाया जाएगा प्रशिक्षण में? प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को केवल सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां ही नहीं, बल्कि पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद और व्यवहार की भी शिक्षा दी जाएगी। उन्हें विदेशी पर्यटकों की सहायता, महिला एवं बाल सुरक्षा, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), आपदा और आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई, भीड़ प्रबंधन, साइबर अपराध से बचाव, डिजिटल शिकायत निस्तारण और प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें सात प्रमुख विषयों स्वागत, सुविधा, सहायता, संरचना, सुरक्षा, स्वच्छता और समन्वय**—पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। मॉक ड्रिल और केस स्टडी के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की तैयारी कराई जाएगी, जिससे वे किसी भी चुनौती का बेहतर तरीके से सामना कर सकें। शुरुआती नतीजे रहे सकारात्मक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके केंद्रों से मिले फीडबैक के अनुसार पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। पर्यटकों से संवाद अधिक सहज हुआ है, शिकायतों का निस्तारण पहले की तुलना में तेज हुआ है और विदेशी पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर हुआ है। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान के प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. चंद्र शेखर बरुआ के अनुसार, पहले चरण में लगभग 35 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और अब इस कार्यक्रम का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। वहीं संस्थान की निदेशक डॉ. मोनिका प्रकाश का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील और पेशेवर बनाना है, ताकि वे घरेलू और विदेशी पर्यटकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें और संकट की हर स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध करा सकें। रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया सहारा केंद्र सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित पर्यटन पुलिस देश में सुरक्षित और भरोसेमंद पर्यटन वातावरण तैयार करेगी। इससे भारत की वैश्विक पर्यटन छवि मजबूत होगी, विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और होटल, ट्रैवल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प तथा स्थानीय कारोबार जैसे क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सरकार की यह पहल भारत को दुनिया के प्रमुख पर्यटन देशों की श्रेणी में और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। ये भी पढ़ें: स्कूटी सिखाने की आड़ में चलता था बाइक चोरी का खेल! 2 आरोपी गिरफ्तार, 10 बाइक बरामद