Greater News: शहर की लगातार बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सफाई व्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है। जल्द ही शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 3,000 नए सफाईकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों को कम करना और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। दो जोन में बंटवारा फिलहाल प्राधिकरण के पास करीब 2,100 सफाईकर्मी कार्यरत हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा संख्या बढ़ती आबादी और विस्तारित क्षेत्र के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से कई सेक्टरों और गांवों में नियमित सफाई प्रभावित हो रही थी, जिससे लोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए प्राधिकरण ने शहर को ईस्ट और वेस्ट दो जोन में विभाजित किया है। भर्ती प्रक्रिया तेज दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से सफाईकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, वेस्ट जोन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जबकि ईस्ट जोन का टेंडर मामला अदालत में लंबित होने के कारण फिलहाल रुका हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही भर्ती में तेजी आएगी। कुछ समय पहले सफाईकर्मियों ने वेतन वृद्धि, बेहतर सुविधाओं और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए। शहर होगा स्वच्छ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि अतिरिक्त सफाईकर्मियों की नियुक्ति से कचरा उठान, सड़कों की नियमित सफाई और स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, जिससे नागरिकों को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिल सकेगा तथा शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। ये भी पढ़ें: युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! TCS के साथ मिलकर मिलेगा नौकरी का सुनहरा मौका