Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से विपक्ष की मांगों और भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचाने की अपील की। राज्यसभा में हंगामा राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद शून्यकाल की शुरुआत कराई। इसी दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी सांसदों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले और नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग शुरू कर दी। विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे और कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठकर आगे आ गए। सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। सभापति ने रिजिजू से की अपील हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार हर दिन एक ही मुद्दे को दोहराकर सदन की कार्यवाही बाधित नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष सभापति को निर्देश नहीं दे सकता। रिजिजू ने कांग्रेस के नए राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा का स्वागत करते हुए कहा कि लगातार हंगामे के कारण नए सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने रिजिजू से कहा कि विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाया जाए, ताकि मामले पर आगे चर्चा हो सके। 25 मिनट बाद स्थगित हुई कार्यवाही सभापति ने कई बार विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। हालांकि, जब स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो उन्होंने करीब 11 बजकर 25 मिनट पर राज्यसभा की बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के बावजूद कुछ सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। 20 जुलाई से जारी है मानसून सत्र संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है। सत्र की शुरुआत से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले, नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच जारी यह गतिरोध खत्म होता है या संसद की कार्यवाही आगे भी हंगामे की भेंट चढ़ती रहती है। ये भी पढ़ें: तरक्की की नई हवा… लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पंखों से सुखाई जा रही सड़क, अखिलेश ने सरकार को घेरा