उत्तर प्रदेश

अमरोहा के बाद उन्नाव में धंसा गंगा एक्सप्रेसवे, 10 मीटर तक खिसकी मिट्टी

पहली बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे पर संकट बढ़ा। अमरोहा के बाद उन्नाव में करीब 10 मीटर तक मिट्टी धंसी। सपा ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए, टीम ने मरम्मत शुरू की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली ही बारिश के दौरान लगातार सामने आ रही घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमरोहा के बाद अब उन्नाव में भी एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी धंसने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

10 मीटर तक धंसी सड़क

सोमवार सुबह उन्नाव के दही क्षेत्र में बशीरतगंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 10 मीटर लंबाई में मिट्टी अचानक धंस गई। जानकारी मिलते ही कार्यदायी संस्था की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल सुधार कार्य शुरू कराया। पानी के रिसाव को रोकने के लिए धंसी ढलान के आसपास मिट्टी की मेड़बंदी भी की गई।

एक दिन पहले दिखी थी दरार

इससे एक दिन पहले सराय कटियान के पास नहर पुल पर एक्सपेंशन ज्वाइंट के किनारे दरार सामने आई थी। इसकी मरम्मत पूरी होने के बाद सोमवार को किलोमीटर 421 के पास ढलान की मिट्टी धंसने की घटना सामने आई। लगातार दो घटनाओं ने एक्सप्रेसवे की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था पर चर्चा छेड़ दी है।

सपा ने सरकार पर साधा निशाना

घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया सेल ने एक्स पर पोस्ट कर प्रदेश सरकार को घेरा। सपा ने दावा किया कि धंसते एक्सप्रेसवे की घटनाओं में अब गंगा एक्सप्रेसवे का नाम भी जुड़ गया है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट हेड आरके मिश्रा ने कहा कि निर्माण के बाद पहली बारिश में कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी समस्याएं सामने आ सकती हैं। तकनीकी टीमें मौके पर लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरी सुधार तत्काल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण में निर्धारित मानकों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

अमरोहा में भी धंसी थी पुलिया

इससे पहले शुक्रवार शाम अमरोहा के गारवपुर गांव के पास एक्सप्रेसवे की एक पुलिया धंसने से सड़क पर गड्ढा बन गया था। सूचना मिलने पर यूपीडा अधिकारियों ने संबंधित लेन को एहतियातन बंद कराकर मरम्मत शुरू कराई। पुलिया और सड़क की मरम्मत के बाद दोबारा डामरीकरण किया गया। करीब 594 किलोमीटर लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को किया गया था। अब पहली बारिश में सामने आई इन घटनाओं के बाद इसकी गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब पर सबकी नजर है।

ये भी पढ़ें: BJP ने तीन राज्यों में नियुक्त किए नए प्रभारी, UP की जिम्मेदारी संभालेंगे विनोद तावड़े, जाने पंजाब और गुजरात में कौन?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »