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BJP ने तीन राज्यों में नियुक्त किए नए प्रभारी, UP की जिम्मेदारी संभालेंगे विनोद तावड़े, जाने पंजाब और गुजरात में कौन?

भाजपा ने यूपी, पंजाब और गुजरात में संगठनात्मक फेरबदल किया। विनोद तावड़े को यूपी, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी बनाया गया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

BJP State Incharge: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तीन अहम राज्यों के प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी घोषित किए हैं। इन नियुक्तियों को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राज्यों में रणनीति को धार देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

यूपी की कमान विनोद तावड़े को

भाजपा ने उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपी है। उन्हें प्रदेश का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। यूपी में आने वाले समय में संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पंजाब में सतीश पूनिया पर भरोसा

पार्टी ने पंजाब के लिए राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को प्रदेश प्रभारी बनाया है। पंजाब में संगठन को मजबूत करना और पार्टी के राजनीतिक आधार को विस्तार देना उनके सामने प्रमुख चुनौती होगी।

गुजरात की जिम्मेदारी तरुण चुघ को

वहीं, तरुण चुघ को गुजरात का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी ने गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए उन पर भरोसा जताया है।

राष्ट्रीय टीम में भी बड़ा फेरबदल

इन नियुक्तियों से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची जारी की थी। नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

इसके अलावा स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, सभी नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

इन बदलावों के बाद अब नजर इस बात पर है कि नए प्रभारी अपने-अपने राज्यों में संगठन को किस तरह मजबूत करते हैं और भाजपा की आगामी राजनीतिक रणनीति को जमीन पर कितना प्रभावी बना पाते हैं।

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