Kanpur News: राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रात भर ट्रक खड़ा कर थकान मिटाने वाले ड्राइवरों के लिए नींद भी अब सुरक्षित नहीं रह गई थी। हाईवे पर सोए हुए ड्राइवरों के मोबाइल फोन और नकदी चुराकर बेचने वाले एक शातिर गिरोह का कानपुर कमिश्नरेट की महाराजपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मंगलवार को हुई कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी के बारह स्मार्टफोन के साथ तीन सौ पंद्रह बोर का एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए। एडीसीपी शिवा सिंह ने प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे बदमाश शामिल हैं जिनका आपराधिक इतिहास काफी लंबा और गंभीर है। इनके खिलाफ पहले से लूट, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं। मंगलवार को उपनिरीक्षक पवन शर्मा अपनी टीम के साथ कुलगांव अंडरपास के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की नियमित चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली कि हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों को निशाना बनाकर मोबाइल चोरी करने वाले चार युवक रामादेवी की ओर से महाराजपुर की तरफ आ रहे हैं और चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी। सर्विस रोड से होते हुए केआईटी कॉलेज के सामने पहुंची टीम ने संदिग्ध युवकों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगे लेकिन पहले से सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी मोडस ऑपरेंडी स्वीकार की और बताया कि वे हाईवे किनारे खड़े ट्रकों पर नजर रखते थे। जैसे ही ड्राइवर थकान के कारण ट्रक में सो जाते, वे मौका देखकर चुपचाप मोबाइल फोन और नकदी निकाल लेते तथा चोरी के मोबाइल को कम कीमत पर अनजान लोगों को बेच देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक सैनी उर्फ कद्दू निवासी नर्वल कानपुर, आदित्य यादव उर्फ रफ्तार निवासी चकेरी, राघवेंद्र यादव उर्फ राघव उर्फ कल्लू निवासी चकेरी और बाबू सिंह निवासी चकेरी के रूप में की। अभिषेक सैनी के पास से तीन चोरी के मोबाइल के साथ अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए। उसके खिलाफ कानपुर और फतेहपुर में लूट, गैंगस्टर एक्ट तथा आर्म्स एक्ट समेत करीब आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं। आदित्य यादव के पास से तीन मोबाइल मिले और उसके खिलाफ जाजमऊ थाने में हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। राघवेंद्र यादव के कब्जे से ओप्पो, इनफिनिक्स, रेडमी और वीवो कंपनी के चार स्मार्टफोन बरामद हुए जबकि बाबू सिंह के पास से ओप्पो और मोटोरोला कंपनी के दो मोबाइल मिले। पुलिस जांच में साफ सामने आया कि यह गिरोह रात के समय हाईवे किनारे खड़े ट्रकों पर लगातार नजर रखता था और ड्राइवरों की नींद का पूरा फायदा उठाकर अपना काम अंजाम देता था। महाराजपुर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और उन्हें वापस लौटाने का काम भी तेजी से चल रहा है। एडीसीपी शिवा सिंह ने कहा कि हाईवे पर ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ाएगी और इस गिरोह के संपर्क में आने वाले अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी रखेगी। ये भी पढ़ें : वंदे मातरम विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- गलती है तो गांधी, नेहरू और पटेल पर भी FIR करिए