Nepal Flood: नेपाल में पिछले पांच दिनों से जारी भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी दौरान पुलिस ने मलबे और मुश्किल हालात के बीच एक बैंक से करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित निकालकर दूसरी जगह पहुंचाए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से बड़े पैमाने पर जन-धन और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद सुरक्षा बल राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। 8 घंटे की मशक्कत नेपाल पुलिस ने करीब आठ घंटे तक लगातार अभियान चलाकर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट बैंक की त्रिशूली धुंगे शाखा से लगभग 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद, करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान तक पहुंचाए। बाढ़ और मलबे के बीच बैंक की संपत्ति को सुरक्षित निकालना राहत अभियान की अहम उपलब्धियों में माना जा रहा है। 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया प्रधानमंत्री के अनुसार, अब तक 9,435 लोगों को हवाई और सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। बचाव अभियान के लिए कुल 394 उड़ानें संचालित हुई हैं, जिनमें रविवार को 72 उड़ानें शामिल थीं। प्रभावित इलाकों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 20,618 जवान तैनात हैं। हेलीकॉप्टर से 279 लोगों का रेस्क्यू जलविद्युत परियोजनाओं के आसपास फंसे 279 लोगों को नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाला गया। भारतीय विशेषज्ञों की सहायता से रसुवा में अपर त्रिशूली-1 परियोजना के आसपास दो दिनों में करीब 250 लोगों को बचाया गया। भारत के साथ चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ दल भी नेपाली सेना के साथ राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। भारतीय टीम सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर तक तलाश अभियान चला रही है। सुरंग में बचाव अभियान जारी नुवाकोट की अपर त्रिशूली-3 ‘ए’ परियोजना की सुरंग में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। नेपाली सेना के इंजीनियर विस्फोट तकनीक और भारी उपकरणों की मदद से रास्ता खोलने में जुटे हैं। सेना, सशस्त्र पुलिस के प्रशिक्षित कुत्तों और नेपाल पुलिस के विशेषज्ञों समेत करीब 90 लोगों की टीम अभियान में लगी है। सुरंग में छोटा रास्ता बनाए जाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद सुरंग को चौड़ा करने का काम तेज किया गया है। 267 घायलों का इलाज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 267 घायलों को निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 156 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए डॉक्टरों की टीमें भी भेजी गई हैं। करोड़ों की राहत प्रधानमंत्री राहत और आपदा कोष के तहत नौ वाणिज्यिक बैंकों में 5.24 अरब नेपाली रुपये से अधिक जमा होने की जानकारी दी गई है। विभिन्न देशों से आर्थिक और मानवीय सहायता भी पहुंच रही है। भारत की ओर से चार चरणों में 68.5 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाएं भेजी गई हैं। साथ ही 230 फीट लंबा मॉड्यूलर स्टील ब्रिज भी उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ से नेपाल टेलिकॉम और एनसेल के कई टावर प्रभावित हुए थे। इनमें से बड़ी संख्या में टावर दोबारा चालू किए जा चुके हैं और प्रभावित क्षेत्रों में सैटेलाइट फोन भी भेजे गए हैं। इस बीच बैंक से करोड़ों का सोना और नकदी सुरक्षित निकाले जाने की घटना ने राहत अभियान के बीच सबका ध्यान खींचा है। ये भी पढ़ें: अब तक 734 मौतें, 2,498 लोग लापता, नेपाल में बाढ़ का भयंकर कहर