Delhi Saty Niketan PG: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मकान मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद विशेष टीम उससे पूछताछ कर रही है और दुर्घटना से जुड़े कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। MCD ने पांच अधिकारी किए सस्पेंड हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने भी सख्त कदम उठाया है। निगम ने दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। MCD विजिलेंस विभाग की ओर से 7 सितंबर 2026 को जारी अलग-अलग आदेशों में इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने की बात कही गई है। इन पांच अधिकारियों पर गिरी गाज निलंबित अधिकारियों में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, बिल्डिंग विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। MCD के मुताबिक इन अधिकारियों पर कार्रवाई DMC Services (Control & Appeal) Regulations, 1959 के Regulation 5(2) के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आदेशों में किसी एक खास लापरवाही का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, कार्रवाई को सत्य निकेतन की जर्जर और कथित अवैध PG इमारतों की निगरानी में चूक से जोड़कर देखा जा रहा है। कैसे हुआ था हादसा? सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1 बजे करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें छह छात्र और एक मजदूर शामिल बताया गया है। राहत टीमों ने 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने हरिराम की गिरफ्तारी के लिए 10 विशेष टीमें गठित की थीं। इन टीमों में स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और विभिन्न ऑपरेशन यूनिट के जवान शामिल थे। अलग-अलग टीमों की निगरानी एडिशनल DCP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई थी। भिवाड़ी में गिरफ्तारी पुलिस ने हरिराम की तलाश में दिल्ली और हरियाणा के कई ठिकानों पर छापेमारी की। आखिरकार भिवाड़ी में उसे पकड़ लिया गया। अब पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि इमारत की हालत इतनी खराब होने के बावजूद उसमें PG कैसे चल रहा था और निर्माण व सुरक्षा मानकों की निगरानी में किस स्तर पर चूक हुई। हादसे के बाद MCD अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने भी जवाबदेही का मुद्दा और गंभीर कर दिया है। ये भी पढ़ें: CCTV में कैद हुआ मौत का मंजर! दिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 मौतें, PG मालिक फरार