उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ फिर नंबर 1, हवा सुधार में देशभर को पछाड़ा, दिल्ली में मिला बड़ा सम्मान

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देश में पहला स्थान पाया। पिछले साल 15वें स्थान के बाद यह बड़ी वापसी है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Lucknow Air Quality: लखनऊ ने एक बार फिर वायु गुणवत्ता सुधार के मामले में देशभर में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल किया है। सोमवार को दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में आयोजित समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल ने यह सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे।

15वें से नंबर 1 पर वापसी

खास बात यह है कि पिछले सर्वेक्षण में लखनऊ 15वें स्थान पर था, लेकिन एक साल के भीतर शहर ने लंबी छलांग लगाते हुए फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इससे पहले भी लखनऊ 2022 के सर्वेक्षण में देश में नंबर वन रह चुका है।

इंदौर और जबलपुर की भी खास रैंकिंग

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ के बाद इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे पायदान पर रहे। पुरस्कार के तौर पर पहले स्थान वाले शहर को 1.5 करोड़ रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले शहर को एक करोड़ रुपये और तीसरे स्थान के लिए 50 लाख रुपये की राशि दी गई। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस उपलब्धि को शहर में प्रदूषण कम करने के लिए किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ नगर निगम की उपलब्धि नहीं, बल्कि लखनऊ के लोगों के सहयोग और जागरूकता का भी नतीजा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों से धूल नियंत्रण तक काम

नगर निगम ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम किया। घर-घर कूड़ा उठाने के लिए करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें संकरी गलियों के लिए छोटे इलेक्ट्रिक ऑटो टिपर भी शामिल हैं और इनकी निगरानी सैटेलाइट आधारित व्यवस्था से की जाती है। सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए 97 इलेक्ट्रिक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, करीब 559.85 किलोमीटर सड़कें पक्की की गई हैं, जिससे धूल के कणों में कमी लाने में मदद मिली।

शहर में रोजाना पैदा होने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इसके तहत प्रतिदिन 2,550 टन कचरे के निस्तारण की क्षमता विकसित की गई है।

हरियाली और स्वच्छ परिवहन पर भी जोर

लखनऊ में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वर्टिकल गार्डन और नए ग्रीन जोन विकसित किए गए हैं। यातायात दबाव घटाने के लिए फ्लाईओवर और सड़क चौड़ीकरण जैसे काम भी किए गए। सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 140 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा शहर में घरों तक LPG और PNG जैसे स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं।

रैंकिंग में उतार-चढ़ाव के बाद वापसी

लखनऊ की रैंकिंग में पिछले कुछ वर्षों में बदलाव देखने को मिला।
2022-23: पहला स्थान
2023-24: दूसरा स्थान
2024-25: 15वां स्थान
2025-26: पहला स्थान

महापौर ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन को भी श्रेय दिया। अब लखनऊ के सामने चुनौती इस बेहतर प्रदर्शन को बरकरार रखने और शहर की हवा को और स्वच्छ बनाने की है।

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