लोधेश्वर धाम में गूंजा बुलडोजर, कॉरिडोर के नाम पर मकानों पर चला प्रशासनिक अभियान, मुआवजे पर उठे सवाल
कॉरिडोर निर्माण के लिए 30 मकानों पर चला बुलडोजर, स्थानीय लोगों ने मुआवजे को लेकर उठाए सवाल, पुलिस सुरक्षा के बीच तेज हुई कार्रवाई
Lodheshwar Dham Corridor Project || Barabanki bulldozer action || Lodheshwar Mahadev temple development || Uttar Pradesh administration action: उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब प्रशासन ने प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना के तहत अधिग्रहित मकानों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चलाए गए इस अभियान ने पूरे इलाके में तनाव और चर्चा दोनों बढ़ा दी।
ढांचों पर चला बुलडोजर
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर तहसील प्रशासन और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी और तहसीलदार विपुल सिंह की निगरानी में मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले मंदिर के पीछे स्थित अजय अवस्थी का मकान ध्वस्त किया गया, जिसके बाद अन्य ढांचों पर भी बुलडोजर चला।
प्रशासन के अनुसार कुल 30 मकानों को कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य धाम को भव्य रूप देना और श्रद्धालुओं की भीड़ को सुगम व्यवस्था प्रदान करना बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
हालांकि, इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई। विस्थापित परिवारों का आरोप है कि मकान तोड़े जा रहे हैं, लेकिन मुआवजे की राशि अभी तक उन्हें नहीं मिली है। कुछ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द भुगतान की मांग की है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी और कई पुलिसकर्मी तैनात रहे ताकि किसी भी विरोध स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि कॉरिडोर बनने के बाद यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा।



