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दिल्ली-NCR में 3 दिन का चक्का जाम, ऑटो-टैक्सी हड़ताल से राजधानी ठप!

बंगाल के मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य, सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती बढ़ी। सीएम शुभेंदु सरकार के 24 घंटे में दो बड़े फैसलों से राजनीति गरमाई, विपक्ष हमलावर, राज्यभर में बहस और प्रतिक्रियाओं का दौर तेज।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Delhi-NCR Taxi Strike || Auto Taxi Strike || Delhi-NCR News: दिल्ली में आज से एक बड़ा परिवहन संकट शुरू होने की आशंका है। 60 से ज्यादा ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे राजधानी की सड़कों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

ईंधन महंगाई के खिलाफ बड़ा आंदोलन

ऑटो और टैक्सी यूनियनों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कमर्शियल वाहनों के किराए में पिछले लगभग 15 वर्षों से कोई बदलाव नहीं किया गया है। यूनियनों के अनुसार, बढ़ती लागत के बावजूद ड्राइवरों की आय स्थिर बनी हुई है, जिससे उनका आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

68 यूनियनों का समर्थन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक परिवहन यूनियन इस हड़ताल में शामिल हैं। इस आंदोलन को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) का भी समर्थन मिला है। यूनियनों ने प्रशासन को पत्र लिखकर पहले ही सूचित किया है और कहा है कि यह विरोध राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा है।

बढ़े हुए शुल्क और नियमों पर आपत्ति

हड़ताल का एक बड़ा कारण हाल ही में बढ़ाया गया पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर (ECC) भी है। हल्के और भारी कमर्शियल वाहनों पर इस शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जिसे ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं। इसके साथ ही, यूनियनों ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के प्रस्तावित नियमों पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें पुराने वाहनों पर प्रतिबंध की बात कही गई है।

किराया न बढ़ने से गहराया संकट

ड्राइवरों का आरोप है कि बढ़ती ईंधन लागत, वाहन मेंटेनेंस, लोन किस्तें और ऐप कमीशन के बावजूद किराया लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। यूनियनों ने इस हड़ताल को फिलहाल प्रतीकात्मक बताया है, लेकिन चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन भी किया जा सकता है।

दिल्लीवासियों पर असर तय

इस हड़ताल के चलते दिल्ली में ऑटो और टैक्सी सेवाएं प्रभावित रहने की पूरी संभावना है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी की सड़कों पर आने वाले दिनों में परिवहन संकट और गहरा सकता है।

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