Hydrogen Train || First Hydrogen Train || Hydrogen Train Route || Indian Railway: रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दे दी है. 10 कोच वाली यह खास डीईएमयू ट्रेन उत्तरी रेलवे के जींद और सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी. 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के लिए बेहद सुरक्षित मानी जा रही है. डीजल ट्रेनों के मुकाबले इसमें प्रदूषण नहीं होगा और इससे केवल पानी की भाप निकलेगी. देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ब्रॉड गेज ट्रैक पर चलेगी और इसमें कुल 10 कोच होंगे. ट्रेन में 2 पावर कार (DPC) लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1200-1200 किलोवाट है. यानी ट्रेन को कुल 2400 किलोवाट ताकत मिलेगी. इसके साथ 8 यात्री कोच जुड़े होंगे. रेलवे के मुताबिक, यह ट्रेन बेहद शांत चलेगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा. कैसे चलेगी ये ट्रेन? यह ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली से नहीं चलेगी. इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो बिजली पैदा करेगी. ट्रेन DPRS यानी डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पूरी ट्रेन में ऊर्जा का संतुलित वितरण होगा. इससे डीजल की बचत के साथ कार्बन उत्सर्जन भी पूरी तरह खत्म होगा. संचालन को लेकर नियम फिलहाल ट्रेन का संचालन केवल जींद-सोनीपत सेक्शन पर किया जाएगा. इसका मेंटेनेंस दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में होगा. शुरुआती 3 महीनों तक तकनीकी विशेषज्ञ ट्रेन के साथ मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके. सुरक्षा के लिए हाइड्रोजन प्लांट और सेंसरों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। ये भी पढ़ें: CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन में मचा हड़कंप! 4 लाख से ज्यादा आवेदन, स्कैन कॉपी पर भी सवाल