Jharkhand High Court: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं व नियुक्तियों को लेकर जारी विवाद में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राज्य सरकार के परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के आदेश के बाद फिलहाल सरकार का रद्दीकरण संबंधी फैसला प्रभावी नहीं रहेगा। सरकार के फैसले को दी गई चुनौती परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने और छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने कुछ परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे संदेह को इसका आधार बताया गया। सरकारी फैसले के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों और नवनियुक्त अधिकारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। अलग-अलग याचिकाओं में कहा गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्तियों को इस तरह रद्द करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के आदेश पर रोक लगाने की मांग की। हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। इसका सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा है, जिन्होंने संबंधित चयन प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति हासिल की थी। अदालत के इस फैसले के बाद अब सरकार के रद्दीकरण आदेश को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। 26 दिन चला छात्र आंदोलन इस विवाद के बीच JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा आंदोलन बुधवार को 26 दिन बाद दो महीने के लिए स्थगित किया गया। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि तय अवधि में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा और इस बार इसे और व्यापक बनाया जाएगा। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश ने परीक्षा और नियुक्ति विवाद को नया कानूनी मोड़ दे दिया है। ये भी पढ़ें: लखनऊ में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर, पत्नी-बहन को गोली मारकर पति ने खुद को भी मारी गोली