उत्तर प्रदेशकानपुर

कानपुर में रक्षाबंधन पर बुझ गया घर का चिराग: राखी बांधने से पहले 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गई यशी, रेस्क्यू के बाद मौत

पुरवामीर में अचानक धंसा घर का आंगन, सात घंटे तक चला रेस्क्यू; NDRF-SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने बाहर निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया !

कानपुर। रक्षाबंधन का त्योहार एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। कानपुर के पुरवामीर गांव में 18 वर्षीय यशी अपने भाई को राखी बांधने की तैयारी कर रही थी, तभी घर का आंगन अचानक भरभराकर धंस गया। यशी देखते ही देखते करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में भी अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। गड्ढे की गहराई और आसपास की कमजोर जमीन को देखते हुए राहत-बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण था। यशी को बाहर निकालने के लिए NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर बुलाई गईं।


बरामदा तोड़कर बनाया रास्ता, JCB से खुदाई

रेस्क्यू टीमों ने सबसे पहले गड्ढे तक पहुंचने का सुरक्षित रास्ता बनाने की कोशिश की। इसके लिए घर के बरामदे का एक हिस्सा गिराया गया। इसके बाद JCB से आसपास की जमीन की खुदाई की गई। टीमों ने बेहद सावधानी के साथ मलबा और मिट्टी हटाकर गड्ढे के भीतर फंसी यशी तक पहुंचने का प्रयास किया, करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीमों ने यशी को गड्ढे से बाहर निकाल लिया। उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद यशी को मृत घोषित कर दिया। यशी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए यशी तैयारी कर रही थी, उसी दिन उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।


पुरानी बोरिंग से कमजोर हुई जमीन?

परिजनों ने बताया कि करीब तीन साल पहले घर के अंदर बोरवेल के लिए बोरिंग कराई गई थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली थी। परिवार को आशंका है कि पुरानी बोरिंग के कारण जमीन अंदर से कमजोर हो गई थी। इसके बाद बारिश के कारण मिट्टी और कमजोर हुई और अचानक आंगन धंस गया। हालांकि, आंगन धंसने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। जमीन के नीचे की स्थिति और पुरानी बोरिंग की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं

रक्षाबंधन पर जहां घर-घर भाई-बहन के प्रेम का त्योहार मनाया जा रहा था, वहीं पुरवामीर गांव में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। यशी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने गांव के लोगों को भी झकझोर दिया है।

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