Pilibhit Murder: यूपी के पीलीभीत में पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के बिलहरी गांव में मंगलवार सुबह दो सगे भाइयों ने पिता के हत्यारोपी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। क्या है पूरा मामला ? बिलहरी गांव निवासी 50 वर्षीय वेदराम पुत्र भूपराम मंगलवार सुबह घर से टहलने के लिए निकले थे। तभी रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर घात लगाए बैठे गांव के ही रामदेव और श्यामदेव पुत्रगण नंदराम ने उन पर बांका और कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में अत्यधिक खून बह जाने के कारण वेदराम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2005 में भू-विवाद को लेकर वेदराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामदेव और श्यामदेव के पिता नंदराम की हत्या कर दी थी। उस मामले में वेदराम सहित 8 लोग जेल गए थे। 8 साल पूर्व 5 साल की सजा काटकर वेदराम जेल से छूटकर बाहर आया था। नंदराम के बेटों के मन में प्रतिशोध की आग सुलग रही थी, जो आज इस वारदात के रूप में सामने आई। घटना के बाद एएसपी हिमांशु गौरव ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी माधुरी की तहरीर पर रामदेव और श्यामदेव सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी हिमांशु गौरव ने बताया कि पुरानी रंजिश के कारण इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। अन्य आयरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। 21 साल से भाइयों के दिल में दहक रही थी बदले की आग बिलहरी गांव 21 साल बाद फिर हत्याकांड से थर्रा उठा। भू- विवाद को लेकर वेदराम ने नंदराम की हत्या कर दी थी। इस मामले में आठ लोगों ने जेल में सजा भी काटी। उसके बाद मुकदमा समाप्त हो गया। पर नंदराम के बेटों के कलेजे में बदले की भावना दबे पांव भड़कती रही। दोनों भाइयों ने प्रतिशोध में वेदराम की हत्या कर पिता की मौत का बदला पूरा कर लिया। दो दशक बाद एक बार फिर घूरे की जगह का मामला ताजा हो गया। नौ लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज वेदराम की हत्या के मामले में उनकी पत्नी माधुरी ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें योजनाबद्ध तरीके से वेदराम की घेरकर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने रामदेव, श्याम देव पुत्रगण नंदराम, फ़लगू, श्रीदेव भूरा, पुत्रगण प्यारेलाल, नमनीत पुत्र फलगू, अवधेश, विशाल पुत्र भूरा और फलगू, के दामाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों ने एक दिन पहले खरीदें थे कुल्हाड़ी और बांका पिता की मौत का गम रामदेव और श्याम देव अपने सीने में 21 साल से दबाए रहे। सोमवार को अचानक उनके मन में वेदराम से पिता की मौत का बदला लेने का विचार बना। दोनों भाई सोमवार को बांका और कुल्हाड़ी खरीद कर लाए थे। उनके मन में पहले से ही वेदराम को मारने की योजना थी। मंगलवार को वेदराम के घर के बाहर से गुजरने पर दोनों उसके पीछे पहुंच गए। हथियार लाने के दूसरे दिन ही दोनों ने हत्या की घटना को अंजाम दे डाला। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया जेल से छूटने के बाद वेदराम खेती-बाड़ी कर अपना जीवन गुजार रहे थे। उनके तीन बच्चे हैं जिसमें एक बेटी पुष्पा की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी अनीता और 10 वर्षीय बेटा सौरभ अपनी मां माधुरी के साथ घर में रहते हैं। वेदराम की मौत के बाद दोनों बेटियों और बेटा सौरभ के आंसू नहीं रुक रहे हैं। ये भी पढ़ें: शिक्षक संघ अध्यक्ष और पत्नी की फावड़े से मारकर हत्या, स्कूल में खून से लथपथ मिला शव