Rampur Jail: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जिला जेल पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को हथियार बनाकर राजनीतिक कार्रवाई की जा रही है। उनकी यह मुलाकात उत्तर प्रदेश की सियासत के लिहाज से अहम मानी जा रही है। हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे अखिलेश अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। यहां आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, बड़े बेटे अदीब और सपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश कार से रामपुर जिला जेल पहुंचे और दोपहर करीब 1:42 बजे जेल के अंदर दाखिल हुए। जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का आजम खान के घर जाने का भी कार्यक्रम है, जहां वह उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करेंगे। एक साल में तीसरी बार आमने-सामने अखिलेश यादव की एक साल के भीतर आजम खान से यह तीसरी मुलाकात है। इससे पहले 9 अक्टूबर 2025 को दोनों नेताओं के बीच रामपुर में करीब दो घंटे तक बातचीत हुई थी। नवंबर 2025 में आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ लखनऊ में अखिलेश यादव से मिले थे। उस समय उन्होंने अपनी परेशानी और दर्द साझा करने की बात कही थी। करीब दो महीने पहले सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान और अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। इसके बाद वह उनके घर भी गए थे। पैन कार्ड मामले में जेल में हैं आजम और अब्दुल्ला आजम खान और अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड मामले में रामपुर जिला जेल में बंद हैं। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। आजम खान ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है और उन्हें राहत का इंतजार है। अखिलेश यादव पहले भी आजम खान को समाजवादी पार्टी का महत्वपूर्ण नेता बताते हुए उनके साथ खड़े रहने की बात कह चुके हैं। दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम अखिलेश यादव के आगमन से पहले आजम खान के आवास, सपा कार्यालय और जिला जेल के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। पुलिस ने सुरक्षा के लिए कई टीमें तैनात कीं। सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद रही। अखिलेश और आजम खान की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुलाकात के बाद अखिलेश यादव क्या संदेश देते हैं और सपा की आगे की रणनीति को लेकर क्या संकेत सामने आते हैं। ये भी पढ़ें: रामपुर जेल में अखिलेश-आजम की मुलाकात से UP की सियासत में हलचल! क्या 2027 के लिए बनेगी नई रणनीति?